PM Modi: युद्ध और वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत रहा मजबूत, पीएम मोदी बोले-‘ऊर्जा संकट नहीं आने दिया’
बालोतरा (राजस्थान)। PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इस परियोजना को भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल उद्योग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने पूरी दुनिया के सामने गंभीर ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है। कई देशों को ईंधन की उपलब्धता और आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन भारत ने समय रहते दूरदर्शी फैसले लेकर इस संकट के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित रखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने हालात का समय पर आकलन किया, प्रभावी रणनीति बनाई और उपलब्ध संसाधनों का संतुलित उपयोग किया। इसके साथ ही कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय प्रयास किए गए, जिससे देश में ईंधन आपूर्ति की स्थिति सामान्य बनी रही और बड़े संकट से बचाव संभव हो सका।
उन्होंने कहा कि संकट के दौर में कई तरह की अफवाहें और आशंकाएं भी सामने आईं, लेकिन सरकार ने बिना किसी शोर-शराबे के लगातार काम करते हुए आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखा। उनके अनुसार, देश के दूरदराज के इलाकों तक भी ईंधन पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर समन्वय किया गया, जिससे आम नागरिकों को बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को करीब 75 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। इस वित्तीय भार को सरकार ने अपने स्तर पर संभाला ताकि इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर न पड़े। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी। इस फैसले से ईंधन की कीमतों में राहत मिली और महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिली।
PM Modi: प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि पचपदरा में स्थापित यह अत्याधुनिक रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार के नए अवसर और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।




