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CG Vidhansabha : सदन में सियासी संग्राम,अनिल भेड़िया ने आरक्षण बिल को बताया “चुनावी झुनझुना”, विजय शर्मा बोले-कांग्रेस अपना गिरेबां झांके

रायपुर . CG Vidhansabha : छत्तीसगढ़ विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण का मुद्दा केंद्र में रहा, लेकिन शुरुआत से ही माहौल सियासी टकराव से भर गया। जैसे ही शासकीय संकल्प पेश करने की बात आई, सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए और बहस ने तीखा रूप ले लिया।

बहस के दौरान कांग्रेस विधायक अनिल भेड़िया ने आरक्षण बिल को “चुनावी झुनझुना” बताते हुए कहा कि 2023 में बिल पास होने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और अपने अधिकारों को अच्छी तरह समझती हैं।

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CG Vidhansabha : सत्ता पक्ष से डिप्टी सीएम विजय शर्मा साव (साव) ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो पार्टी अपने घोषणा पत्र में किए गए वादे पूरे नहीं कर पाई, वह आज महिलाओं के अधिकारों की बात कर रही है। उनके इस बयान के बाद सदन में कुछ समय के लिए माहौल और ज्यादा गरमा गया।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब सदन में महिलाओं की वास्तविक संख्या को लेकर चर्चा शुरू हुई। विपक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस ने महिलाओं को ज्यादा अवसर दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार, भाजपा के 54 विधायकों में 8 महिलाएं हैं, जबकि कांग्रेस के 35 विधायकों में 11 महिला विधायक शामिल हैं। इन आंकड़ों को लेकर दोनों पक्षों ने अपने-अपने तरीके से तर्क पेश किए और खुद को महिला हितैषी साबित करने की कोशिश की।

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CG Vidhansabha : कुल मिलाकर, यह सत्र केवल महिला आरक्षण पर चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और आंकड़ों की जंग का मंच बन गया। हालांकि, इस बहस ने एक बार फिर यह जरूर स्पष्ट कर दिया कि महिला सशक्तिकरण का मुद्दा राजनीति के केंद्र में है, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर अभी भी सहमति की कमी बनी हुई है।

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