School Cleaning Staff Strike: 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे स्कूलों के सफाई कर्मचारी, सरकार पर वादा पूरा नहीं करने का लगाया आरोप
रायपुर। School Cleaning Staff Strike: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि शिक्षा मंत्री की ओर से करीब 10 महीने पहले दिए गए आश्वासन के बावजूद अब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। सफाई कर्मचारियों के अनुसार, 8 जुलाई को वे प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू करेंगे। यदि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।
कर्मचारियों का दावा है कि प्रदेश के लगभग 4,330 सरकारी स्कूलों में वे पिछले 16 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। उनकी नियुक्ति प्रतिदिन केवल दो घंटे के कार्य के लिए की गई थी, लेकिन व्यवहार में उनसे स्कूलों के कई अन्य कार्य भी कराए जाते हैं। उनका आरोप है कि निर्धारित दायित्वों से अधिक काम लेने के बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय नहीं दिया जा रहा।
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें हर महीने 3,000 से 3,500 रुपये तक का मानदेय मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के बीच बेहद कम है। उनका कहना है कि इतने कम मानदेय में परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने उन्हें 12 महीने कलेक्टर दर पर मानदेय देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं किया गया। लंबे समय से मांगें लंबित रहने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
School Cleaning Staff Strike: संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि सफाई कर्मचारियों की सभी लंबित मांगों का जल्द समाधान किया जाए। उनका कहना है कि यदि सरकार समय रहते सकारात्मक निर्णय लेती है तो आंदोलन पर पुनर्विचार किया जा सकता है, अन्यथा अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। वहीं अगर हड़ताल लंबी चली तो इसका असर प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूलों की साफ-सफाई और दैनिक व्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।




