Dimagi Naxal Party: PM मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ बयान के बाद सोशल मीडिया पर नया ट्रेंड, बन गई‘दिमागी नक्सल पार्टी’ रातों रात हजारों फॉलोअर्स
नई दिल्ली। Dimagi Naxal Party: 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद सोशल मीडिया पर उनके एक बयान को लेकर नई बहस छिड़ गई है। प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद का जिक्र करते हुए कहा था कि जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलियों के खिलाफ देश ने बड़ी कामयाबी हासिल की है, लेकिन समाज में ऐसे लोग भी मौजूद हैं जो विचारधारा के माध्यम से अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया।
प्रधानमंत्री के भाषण के बाद यह शब्द सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया। अलग-अलग यूजर्स ने इसके अर्थ और इस्तेमाल को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। इसी बीच Instagram पर ‘Dimagi Naxal Party’ नाम से एक नया सोशल मीडिया पेज सामने आया, जिसने कम समय में बड़ी संख्या में फॉलोअर्स जुटा लिए।
कुछ ही दिनों में तेजी से बढ़े फॉलोअर्स
सोशल मीडिया पर सामने आए इस पेज के फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खबर लिखे जाने तक इससे जुड़े हैंडल पर करीब 1.8 लाख फॉलोअर्स हो चुके थे। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ कोई आधिकारिक या मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल नहीं है। यह फिलहाल सोशल मीडिया पर मौजूद एक पेज या ऑनलाइन पहचान के तौर पर सामने आया है।
Instagram से X और Facebook तक दिखा असर
‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर केवल Instagram पर ही गतिविधि नहीं दिखाई दे रही है। X और Facebook जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसी नाम या इससे मिलते-जुलते नामों से अकाउंट और पेज बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। एक ही नाम से कई अकाउंट सामने आने के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि इन पेजों के पीछे कौन लोग या समूह हैं। संबंधित पेजों की आधिकारिक पहचान और संचालकों के बारे में फिलहाल कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है।
राजनीतिक व्यंग्य से जुड़ रहा है ट्रेंड
सोशल मीडिया पर इस तरह के नामों का इस्तेमाल कई बार राजनीतिक टिप्पणी, व्यंग्य या विरोध दर्ज कराने के लिए किया जाता रहा है। ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ को भी कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इसी तरह की राजनीतिक व्यंग्यात्मक पहल के तौर पर देख रहे हैं। इस पेज से जुड़े कंटेंट में “Think | Research | Resist” जैसे संदेश का इस्तेमाल किए जाने की चर्चा है। हालांकि, पेज के पीछे कौन है और इसके वास्तविक उद्देश्य क्या हैं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी कमेंट से बना था सोशल मीडिया ट्रेंड
सोशल मीडिया पर किसी बयान या टिप्पणी से प्रेरित होकर नए पेज या डिजिटल कम्युनिटी बनने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से भी सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक ट्रेंड देखने को मिला था, जिसने कुछ ही समय में बड़ी संख्या में यूजर्स का ध्यान आकर्षित किया था। अब प्रधानमंत्री के भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द ने भी सोशल मीडिया पर इसी तरह की डिजिटल प्रतिक्रिया को जन्म दिया है।
आखिर कौन चला रहा है पेज?
Dimagi Naxal Party: फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ नाम से सोशल मीडिया पेज किसने बनाया है और इसके पीछे कौन लोग हैं। अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक जैसे नाम वाले कई अकाउंट होने के कारण किसी एक व्यक्ति या संगठन को इसका संचालक बताना फिलहाल संभव नहीं है। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में इस्तेमाल हुआ एक शब्द अब सोशल मीडिया पर बहस, राजनीतिक व्यंग्य और डिजिटल ट्रेंड का हिस्सा बन गया है। हालांकि, इस ऑनलाइन पहल की वास्तविक पहचान और इसके पीछे की टीम को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है।




