Sawan 2026: इस साल सावन में बनेंगे कई दुर्लभ संयोग, नाग पंचमी और सोमवार का विशेष योग, रक्षाबंधन भी रहेगा बेहद शुभ
नई दिल्ली। Sawan 2026: वर्ष 2026 का सावन शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व लेकर आ रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार सावन में कई ऐसे शुभ संयोग बन रहे हैं, जिन्हें बेहद दुर्लभ माना जाता है। खासतौर पर सावन के तीसरे सोमवार, नाग पंचमी और सिंह संक्रांति का एक साथ पड़ना इस वर्ष के धार्मिक महत्व को और बढ़ा रहा है। इस साल 30 जुलाई से सावन की शुरूआत हो रही है। पहला सोमवार का व्रत 3 अगस्त 2026, दूसरा सोमवार 10 अगस्त 2026, तीसरा सोमवार 17 अगस्त 2026 और चौथा सोमवार 24 अगस्त 2026 को रहेगा।
17 अगस्त को बनेगा दुर्लभ संयोग
इस बार सावन का तीसरा सोमवार 17 अगस्त को पड़ेगा और इसी दिन नाग पंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार और नाग पंचमी का एक ही दिन पड़ना अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और बेलपत्र अर्पित कर विशेष पूजा करेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन शिव पूजा करने से राहु-केतु से जुड़े दोषों की शांति, मानसिक तनाव में कमी और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है।
सिंह संक्रांति से बनेगा विशेष योग
17 अगस्त को ही सूर्य देव सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे सिंह संक्रांति कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सावन सोमवार के दिन सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश एक विशेष ग्रहयोग का निर्माण करता है। इसे बड़े बदलावों और नई परिस्थितियों का संकेत माना जाता है। वहीं सोमवार का संबंध चंद्रमा से होने के कारण यह योग मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक उन्नति का भी प्रतीक माना जाता है।
रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्रा का प्रभाव
सावन के साथ-साथ रक्षाबंधन 2026 भी शुभ संयोग लेकर आ रहा है। इस वर्ष 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। विशेष बात यह है कि इस दिन भद्रा काल नहीं रहेगा, जिससे बहनें पूरे दिन शुभ समय में अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह 9:08 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा। राखी बांधने का सबसे शुभ समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। लगभग 3 घंटे 51 मिनट का यह समय धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है।
श्रद्धालुओं के लिए रहेगा विशेष महत्व
Sawan 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के इस विशेष संयोग में भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप, रुद्राभिषेक और दान-पुण्य करने से विशेष पुण्यफल की प्राप्ति होती है। वहीं नाग पंचमी, सिंह संक्रांति और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्व एक ही माह में शुभ योगों के साथ आने से यह सावन श्रद्धालुओं के लिए और भी अधिक मंगलकारी माना जा रहा है।




