Anna Hazare: फिर आंदोलन की राह पर अन्ना हजारे, RTI नियमों में बदलाव के खिलाफ खोला मोर्चा, करेंगे भूख हड़ताल
मुंबई। Anna Hazare: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) नियमों में किए गए संशोधनों का विरोध करते हुए उन्होंने 5 जुलाई से आमरण भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की है। हजारे का कहना है कि यदि सरकार नए नियमों को वापस नहीं लेती है, तो वे रालेगण सिद्धि स्थित यादव बाबा मंदिर परिसर में अनशन शुरू करेंगे।
अन्ना हजारे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि 12 जून को अधिसूचित किए गए नए नियम सूचना के अधिकार कानून की मूल भावना के विपरीत हैं। उनका कहना है कि इन बदलावों से पारदर्शिता प्रभावित होगी और आम नागरिकों के लिए सरकारी सूचनाएं प्राप्त करना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो जाएगा।
हजारे ने आरटीआई आवेदन शुल्क बढ़ाने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार ने शुल्क बढ़ाने के पीछे कोई स्पष्ट आर्थिक आधार या तर्क प्रस्तुत नहीं किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि आवेदन शुल्क बढ़ाया जा रहा है, तो सूचना देने में अनावश्यक देरी या इनकार करने वाले अधिकारियों पर लगने वाले जुर्माने में भी समान रूप से वृद्धि की जानी चाहिए।
उन्होंने नए नियमों के तहत पहचान पत्र अनिवार्य किए जाने का भी विरोध किया है। हजारे का तर्क है कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(2) के अनुसार आवेदक को अपनी व्यक्तिगत जानकारी या सूचना मांगने का कारण बताने की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में पहचान संबंधी अनिवार्यता व्हिसलब्लोअर्स, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संवेदनशील मामलों में जानकारी मांगने वाले नागरिकों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
इसके अलावा, उन्होंने “एक विषय-एक आवेदन” जैसी व्यवस्था, बार-बार आवेदन करने पर रोक, अपीलकर्ता की अनुपस्थिति में अपील निरस्त करने, आवेदक की मृत्यु पर मामला स्वतः समाप्त करने तथा सूचना आयोग की सुनवाई के दौरान कानूनी सहायता पर प्रतिबंध जैसे प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ये बदलाव आरटीआई प्रक्रिया को अधिक जटिल और नागरिकों के बजाय प्रशासन केंद्रित बना देंगे।
Anna Hazare: अन्ना हजारे ने सरकार से सभी संशोधित नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे 5 जुलाई से रालेगण सिद्धि में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उनके इस ऐलान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति और आरटीआई से जुड़े सामाजिक संगठनों में हलचल तेज हो गई है।




