BSUP Colony News: रील बनाने को लेकर BSUP कॉलोनी में विवाद, विरोध में सुअर लेकर पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ता, मचा बवाल
रायपुर। BSUP Colony News: राजधानी रायपुर के मुजगहन थाना क्षेत्र अंतर्गत काठाडीह स्थित BSUP कॉलोनी में सोशल मीडिया रील बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, जिसे देखते हुए पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा है।
जानकारी के अनुसार,रविवार रात करीब 8:30 बजे पड़ोस में रहने वाली फिरदोस बेगम के बच्चे तुलसी के गमले के पास रील बना रहे थे। बच्चे गमले को पकड़कर हिला रहे थे, जिसका विरोध करने पर विवाद शुरू हो गया। परमिला सेन ने बच्चों को ऐसा करने से मना करते हुए तुलसी के पौधे का सम्मान करने की समझाइश दी। इसी बात को लेकर पड़ोसी परिवारों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और धक्का-मुक्की होने लगी। आरोप है कि इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची एक महिला समेत दूसरी महिला भी घायल हो गई।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि पड़ोसियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट की। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से भी अपने-अपने आरोप लगाए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर मुजगहन थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं घटना के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलोनी में हनुमान जी की महाआरती का आयोजन किया। हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और इतना ही नहीं बजरंग दल के कार्यकर्ता सुअर लेकर बस्ती में पहुंच गए, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विशेष समुदाय के लोगों द्वारा हिंदू महिलाओं के साथ मारपीट की गई है। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
BSUP Colony News: संवेदनशील माहौल को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है तथा लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी भ्रामक या भड़काऊ सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें। मामले की जांच जारी है।




