पढ़ाई को लेकर माता-पिता की ‘एक डांट’ से आहत होकर 11 साल की बच्ची घर से निकल गयी
पढ़ाई के दबाव में मुजफ्फरपुर की छात्रा ने उठाया बड़ा कदम, मनोवैज्ञानिकों की सलाह- बच्चों पर न डालें अनावश्यक दबाव
मुजफ्फरपुर. मिठनपुरा थाना क्षेत्र में एक 11 साल की बच्ची ने अपने पिता की डांट से नाराज होकर घर छोड़ दिया. लेकिन, मुजफ्फरपुर पुलिस की मुस्तैदी ने इस कहानी को एक सुखद मोड़ दिया और बच्ची को सोमवार को मोतिहारी से सकुशल बरामद कर लिया गया.
घटना 22 अगस्त की शाम की है. पढ़ाई में कमजोर प्रदर्शन को लेकर जब माता-पिता ने बच्ची को डांटा, तो उसका नन्हा सा दिल इसे बर्दाश्त नहीं कर पाया. नाराज होकर उसने चुपके से घर छोड़ने का फैसला कर लिया. परिजनों ने हर जगह उसे ढूंढा, लेकिन जब वह नहीं मिली तो मिठनपुरा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मैनुअल और टेक्निकल इनपुट का सहारा लिया. कई जगहों पर छानबीन के बाद, सोमवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली. बच्ची मोतिहारी में सुरक्षित मिली और उसे थाने लाया गया.
थानेदार ने बताया कि बच्ची ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह माता-पिता की डांट से बहुत आहत थी. बच्ची को जब परिजनों के हवाले किया गया, तो मां-बाप ने उसे गले लगाकर प्यार जताया. यह घटना बताती है कि बच्चों के मनोविज्ञान को समझना कितना जरूरी है.
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक दबाव उनके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञ डॉ. रीमा सिंह कहती हैं, “11-12 साल की उम्र में बच्चे भावनात्मक रूप से बहुत संवेदनशील होते हैं। डांट-फटकार या तुलना उनके आत्मविश्वास को तोड़ सकती है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार करें, उनकी बात सुनें और उनकी भावनाओं को समझें।” वे सलाह देती हैं कि बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए सकारात्मक तरीके अपनाए जाएं, जैसे उनकी छोटी-छोटी उपलब्धियों की तारीफ करना और गलतियों को प्यार से सुधारना।




