Raipur News: बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल, शिकायतों के बाद नालियों की सफाई में जुटा नगर निगम
रायपुर। Raipur News: स्मार्ट सिटी और विकास के दावों के बीच राजधानी रायपुर की जमीनी हकीकत कई सवाल खड़े कर रही है। नगर निगम हर साल शहर की सफाई व्यवस्था पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करता है। इसके अलावा सड़क, नाली, ड्रेनेज और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी करोड़ों रुपये की योजनाएं संचालित की जाती हैं। इसके बावजूद बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में जलभराव, जाम नालियां और टूटी सड़कों की समस्या सामने आ जाती है।
बारिश के दौरान कई कॉलोनियों और मोहल्लों में सड़कें तालाब जैसी नजर आती हैं। जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं धरातल पर नजर नहीं आतीं। उनका आरोप है कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच पा रहा है।
इधर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम ने शहर के विभिन्न वार्डों और गली-मोहल्लों में नालियों की सफाई अभियान शुरू किया है। निगम की टीमें जाम नालियों से गाद और कचरा निकालकर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटी हैं, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति से राहत मिल सके।
अक्सर देखा जाता है कि महीनों तक नालियों की सफाई नहीं होने के कारण बारिश के समय गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है और कई जगह लोगों के घरों तक पहुंच जाता है। इससे नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इसी को देखते हुए अब नगर निगम ने सफाई कार्य तेज कर दिया है।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल बारिश के मौसम में अभियान चलाने के बजाय पूरे वर्ष नियमित रूप से नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई होनी चाहिए। उनका मानना है कि समय पर रखरखाव होने से जलभराव और गंदगी जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
Raipur News: अब देखना होगा कि नगर निगम का यह अभियान केवल बारिश तक सीमित रहता है या शहर की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से बेहतर बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाते हैं।





