Raipur News: ‘मांग पूरी होने तक नहीं पहनूंगा चप्पल’ भारतमाला प्रोजेक्ट से उजड़ा आशियाना, अब मवेशियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा किसान
घर उजड़ने के बाद मवेशियों को रखने की समस्या
भास्कर चंद्राकर के मुताबिक, भारतमाला परियोजना के लिए उसका घर अधिग्रहित कर लिया गया, जिसके बाद उसके और उसके भाई के सामने रहने के साथ-साथ चार मवेशियों को रखने की समस्या खड़ी हो गई। घर छिनने के बाद मवेशियों के लिए सुरक्षित जगह की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया है। किसान का कहना है कि वह अपनी परेशानी कई बार संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा चुका है, लेकिन समाधान नहीं मिलने के कारण उसे मजबूरन कलेक्ट्रेट पहुंचकरविरोध जताना पड़ा।
एक साल से परेशान, मवेशी की तबीयत बिगड़ी
भास्कर ने बताया कि, घर उजड़ने के बाद से वह करीब एक साल से नंगे पैर घूम रहा है। पत्र में उसने साफ लिखा है कि, जब तक उसकी मांग पूरी नहीं होती तब तक वह न तो चप्पल पहनेगा और न ही बाल दाढ़ी बनवाएगा। उसकी सबसे बड़ी चिंता मवेशियों को सुरक्षित और उचित स्थान पर रखने की है। उसके अनुसार, खुले में रहने के कारण एक मवेशी की तबीयत भी खराब हो गई है। किसान की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द मवेशियों के रहने के लिए उचित व्यवस्था करे, ताकि उन्हें खुले में रखने की मजबूरी खत्म हो सके।
मुआवजा और बिजली मीटर का मामला भी लंबित
किसान ने मुआवजे और बिजली मीटर से संबंधित परेशानियों को भी उठाया। उसका कहना है कि इन मामलों के समाधान के लिए वह लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद उसे राहत नहीं मिली। इसी वजह से उसने मवेशियों को साथ लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचने का फैसला किया, ताकि प्रशासन का ध्यान उसकी समस्याओं की ओर आकर्षित हो सके।
कलेक्टर ने जांच का दिया भरोसा
Raipur News: किसान के अनुसार, कलेक्ट्रेट में उसकी कलेक्टर से बातचीत हुई। कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अब किसान को उम्मीद है कि प्रशासन उसकी शिकायतों पर कार्रवाई करेगा और मवेशियों के लिए उचित जगह उपलब्ध कराने के साथ मुआवजे तथा बिजली मीटर से जुड़े मामलों का भी निराकरण करेगा।







