CG Assembly Monsoon Session: विधानसभा में गूंजा वेदांता के मालिक अनिल अग्रवाल पर FIR का मुद्दा, विपक्ष ने किया वॉकआउट
रायपुर। CG Assembly Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन उद्योगों में होने वाली दुर्घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था (सेफ्टी ऑडिट) का मुद्दा सदन में गूंजा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रश्नकाल के दौरान सक्ती जिले स्थित वेदांता संयंत्र में हुए हादसे का मामला उठाते हुए सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। डॉ. महंत ने कहा कि, सक्ति स्थित वेदांता संयंत्र में हुए हादसे में 25 लोगों की मौत हुई, जबकि 7 लोग अब भी घायल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े हादसे के बावजूद अब तक किन लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, अब तक केवल दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने आई है, जबकि कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने सरकार से पूछा कि मामले की विवेचना कहां तक पहुंची है, क्या आरोपियों से पूछताछ पूरी हो चुकी है और क्या जांच के सिलसिले में विदेश जाकर भी कोई कार्रवाई की गई है।
इस पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन को बताया कि प्रदेश में हुई पांच औद्योगिक दुर्घटनाओं के बाद संबंधित इकाइयों का सेफ्टी ऑडिट कराया गया है। उन्होंने कहा कि सक्ती जिले के वेदांता लिमिटेड, सिंघितराई मामले में अरुण मिश्रा और योगेंद्र पटेल के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई है।
मंत्री ने बताया कि इस मामले में निदेशक अनिल अग्रवाल सहित अन्य संबंधित लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा विभाग की ओर से श्रम न्यायालय में भी याचिका दायर की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने स्तर पर निष्पक्ष जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
CG Assembly Monsoon Session: मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार औद्योगिक सुरक्षा को लेकर गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि जांच को शीघ्र पूरा कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



