CG Bus Fare Hike: आम आदमी को महंगाई की एक और मार अब बस से सफर करना हुआ महंगा, किराये में 40% तक बढ़ोतरी
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नई दरों के अनुसार, साधारण बसों का किराया प्रति किलोमीटर 1.25 रुपये से बढ़ाकर 1.75 रुपये कर दिया गया है। इस हिसाब से साधारण बसों के किराये में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा प्रीमियम श्रेणी की बस सेवाओं के लिए भी किराये की दरें निर्धारित की गई हैं, जिनमें वोल्वो, स्कैनिया और मर्सिडीज जैसी बसें शामिल हैं।
परिवहन विभाग ने जारी की नई किराया दरें
बस किराये में संशोधन को लेकर परिवहन विभाग की ओर से नई अधिसूचना जारी की गई है। इसमें यात्री बसों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए किराया निर्धारित किया गया है। नई व्यवस्था के तहत साधारण बसों के साथ डीलक्स, स्लीपर और वातानुकूलित बसों की दरें भी तय की गई हैं।
विभाग की नई अधिसूचना के जरिए 11 मार्च 2025 को जारी पिछली अधिसूचना को अधिक्रमित कर दिया गया है। ऐसे में अब बस किराये के निर्धारण के लिए संशोधित दरें प्रभावी होंगी। अलग-अलग श्रेणियों में यात्रियों को कितना अतिरिक्त भुगतान करना होगा, यह संबंधित बस की निर्धारित किराया दर पर निर्भर करेगा।
रोजाना सफर करने वालों का बढ़ेगा खर्च
किराये में बढ़ोतरी का असर उन यात्रियों पर अधिक पड़ सकता है, जो नौकरी, पढ़ाई, कारोबार या अन्य जरूरी कामों के लिए नियमित रूप से बसों से यात्रा करते हैं। खासकर लंबी दूरी के यात्रियों को अब अपने यात्रा बजट में अतिरिक्त राशि का प्रावधान करना पड़ सकता है। साधारण बसों के किराये में हुई 40 प्रतिशत की वृद्धि के चलते पहले की तुलना में यात्रा का खर्च बढ़ना तय है। वहीं, डीलक्स, स्लीपर और एसी बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी निर्धारित नई दरें महत्वपूर्ण होंगी।
सिटी बसों को मिली राहत
नई किराया अधिसूचना के दायरे से शहरों में संचालित होने वाली सिटी बस सेवाओं को बाहर रखा गया है। यानी यह संशोधन संबंधित यात्री बस सेवाओं के लिए है और शहरी सिटी बसों पर इसका प्रावधान लागू नहीं होगा।
यात्रियों के बजट पर पड़ेगा असर
CG Bus Fare Hike: छत्तीसगढ़ में बस किराये में संशोधन के बाद यात्रियों को सफर के लिए पहले से अधिक खर्च करना पड़ सकता है। साधारण बसों की दर में हुई बढ़ोतरी का प्रभाव विशेष रूप से उन लोगों पर दिखाई दे सकता है, जो बसों को आवागमन का नियमित साधन बनाते हैं। हालांकि, प्रत्येक श्रेणी की बस के किराये में वास्तविक अंतर जानने के लिए परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित संबंधित दरों का मिलान करना जरूरी होगा। नई व्यवस्था के बाद यात्रियों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि संशोधित किराये के चलते उनके दैनिक और लंबी दूरी के सफर का खर्च कितना बढ़ता है।




