Milk Price Hike:पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के बाद अब बढ़ सकते हैं दूध के दाम, 8 से 10 रुपये प्रति लीटर की हो सकती है बढ़ोतरी
बेंगलुरु। Milk Price Hike: कर्नाटक में आम लोगों की जेब पर महंगाई का एक और असर पड़ सकता है। राज्य में दूध की कीमतों में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी किए जाने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव पर आज मंगलवार को होने वाली कर्नाटक कैबिनेट की बैठक में चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बढ़ोतरी को लेकर अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में दूध की कीमतों के अलावा राज्य में बस किराए में संशोधन के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
नंदिनी दूध के दाम बढ़ाने की मांग
कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) के तहत आने वाले 16 सहकारी दुग्ध संघों ने दूध की कीमत बढ़ाने की मांग राज्य सरकार के सामने रखी है। दुग्ध संघों की ओर से दूध की कीमत में करीब 12 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की मांग की गई है। हालांकि, सहकारी दुग्ध उत्पादक यूनियनों ने खुदरा कीमत और खरीद मूल्य में करीब 8 से 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग पर भी जोर दिया है। यदि सरकार प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो इसका सीधा असर राज्य में बिकने वाले नंदिनी दूध की कीमतों पर पड़ सकता है।
चारे और दूध खरीद की लागत बढ़ने का हवाला
दूध की कीमत बढ़ाने की मांग के पीछे दुग्ध संघों ने बढ़ती उत्पादन लागत को प्रमुख कारण बताया है। उनका कहना है कि पशु चारे की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही किसानों से दूध खरीदने की लागत भी बढ़ी है। दुग्ध संघों के अध्यक्षों ने सरकार से कीमतों में संशोधन की अनुमति देने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि बढ़ती लागत के कारण डेयरी किसानों और सहकारी दुग्ध संघों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। कीमतों में संशोधन से इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को कम करने में मदद मिल सकती है।
पिछले सप्ताह टाल दी गई थी कैबिनेट बैठक
कर्नाटक कैबिनेट की बैठक पहले पिछले गुरुवार को प्रस्तावित थी, लेकिन इसे टाल दिया गया था। अब मंगलवार को होने वाली बैठक में दूध और बस किराए से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की संभावना है। दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव मंजूर होने की स्थिति में राज्य में उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। हालांकि, किस श्रेणी के दूध पर कितनी बढ़ोतरी होगी और नई कीमत कब से लागू होगी, यह कैबिनेट के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
बस किराए में भी बढ़ोतरी की तैयारी?
कैबिनेट बैठक में बस किराए को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। राज्य में करीब दो साल से बस किराए में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस अवधि में डीजल और अन्य परिचालन खर्चों में बढ़ोतरी हुई है। राज्य के चार परिवहन निगम बढ़ती परिचालन लागत के बीच लगातार वित्तीय दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बस किराए में संशोधन का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा गया है।




