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UP-Bihar MLC Voting: यूपी-बिहार में 19 MLC सीटों पर मतदान कल, 2027 से पहले सियासी ताकत की परीक्षा, NDA में 2 सीटों को लेकर विवाद

यूपी। UP-Bihar MLC Voting: उत्तर प्रदेश और बिहार में विधान परिषद की कुल 19 सीटों पर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान सुबह 8 बजे शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगा। दोनों राज्यों में चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी जाएगी। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

इन चुनावों को उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए अहम माना जा रहा है। बीजेपी और समाजवादी पार्टी शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी हैं। वहीं, बिहार में भी चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर कुछ सीटों को लेकर मतभेद सामने आए हैं।

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बिहार की 8 सीटों पर मुकाबला, NDA में दो सीटों को लेकर विवाद

बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान होना है। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण के शिक्षक तथा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। निर्वाचन क्षेत्रों में पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं और मतदान दलों को केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। संबंधित जिलों में प्रखंड स्तर पर मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

इस चुनाव के बीच NDA के भीतर दो सीटों पर असहमति की स्थिति सामने आई है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के नेता रामपुकार सिन्हा ने गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार आनंद पुष्कर के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

दूसरा विवाद पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ा है। यहां जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने नीरज कुमार को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पार्टी प्रत्याशी के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को समर्थन दिया है। ऐसे में बिहार में गठबंधन के भीतर चुनावी समीकरणों पर भी सबकी नजर बनी हुई है।

शिक्षक और स्नातक मतदाता करेंगे फैसला

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर मतदान होना है। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक सीटों में आगरा, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी, लखनऊ और वाराणसी क्षेत्र शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, लखनऊ, काशी और गोरखपुर-फैजाबाद की सीटें हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में अलग-अलग जिलों के शिक्षक और स्नातक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

इन सीटों का भौगोलिक दायरा भी काफी व्यापक है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर बुंदेलखंड, लखनऊ और पूर्वांचल तक चुनावी मुकाबले देखने को मिलेंगे। प्रशासन ने मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की है।

मतदान केंद्रों पर सख्ती, मोबाइल और कैमरा ले जाने पर रोक

चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मतदान मतपत्र के जरिए कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी में मतदान प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। चुनाव क्षेत्रों में तैनात पर्यवेक्षक व्यवस्था पर नजर रखेंगे, ताकि मतदान निर्धारित समय के भीतर निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर दिलचस्प मुकाबले के आसार

उत्तर प्रदेश की 11 सीटों में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को खास अहमियत दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र से जुड़ी इस सीट पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी ने अपनी चुनावी ताकत झोंक दी है।

राजनीतिक हलकों में इस सीट को लेकर विशेष चर्चा है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों दलों के वरिष्ठ नेता मुकाबले पर नजर बनाए हुए हैं। समाजवादी पार्टी की रणनीति में बीजेपी के बागी नेताओं का समर्थन भी अहम माना जा रहा है। वहीं, बीजेपी भी अपने संगठन और समर्थकों के जरिए सीट पर पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

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2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की परीक्षा

UP-Bihar MLC Voting: विधान परिषद की इन सीटों के नतीजे सीधे तौर पर विधानसभा चुनाव के नतीजों का संकेत नहीं होंगे, लेकिन राजनीतिक दलों के संगठन, समर्थक वर्ग और क्षेत्रीय प्रभाव को परखने का अवसर जरूर देंगे। खासकर उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच समर्थन हासिल करना दोनों प्रमुख दलों के लिए अहम है। अब सबकी निगाहें 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान और 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। चुनाव परिणाम बताएंगे कि इन निर्वाचन क्षेत्रों में किस दल और उम्मीदवार को मतदाताओं का अधिक समर्थन मिला।

 

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