
Chhattisgarh SIR News: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कबीरधाम जिले में मतदाता सूची से करीब 67 हजार नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर किसी मतदाता का नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज है, तो नियम के अनुसार उसे हटाया जाना चाहिए।
विजय शर्मा ने विपक्ष पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर बेवजह राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग से पूछे गए सवालों का जवाब आयोग ही देगा, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति करके माहौल खराब नहीं किया जाना चाहिए।
विजय शर्मा बोले- दो जगह नाम होने पर हटाना जरूरी
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज है और जांच में इसकी पुष्टि होती है, तो ऐसे नामों को नियम के मुताबिक हटाया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इस प्रक्रिया का स्वागत करने के बजाय कांग्रेस इसका विरोध क्यों कर रही है।
विजय शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर के कार्यकाल का जिक्र करते हुए मतदाता सूची में बाहरी लोगों के नाम जोड़े जाने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
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भूपेश बघेल ने 67 हजार नाम हटाए जाने पर मांगा जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कबीरधाम जिले में मतदाता सूची से करीब 67 हजार नाम हटाए जाने के दावे पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बीजेपी और निर्वाचन आयोग से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
भूपेश बघेल का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि SIR के जरिए कितने कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हुई है और कितने लोगों के नाम किन कारणों से हटाए गए हैं।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से न कटे और लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिल सके।
मोहम्मद अकबर ने भी उठाए सवाल
पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने भी SIR के बाद मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने प्रभावित मतदाताओं को दोबारा सुनवाई का अवसर देने की मांग की है।
अकबर ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में SIR के बाद करीब 24 लाख 99 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच वोट प्रतिशत का अंतर लगभग 4.04 प्रतिशत था।
उनका तर्क है कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या चुनाव में जीत-हार के अंतर से काफी अधिक है, इसलिए पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। हालांकि, नाम हटाए जाने के इस आंकड़े और उसके कारणों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
SIR पर बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने
छत्तीसगढ़ में SIR को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। बीजेपी इसे मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया बता रही है, जबकि कांग्रेस बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के दावों पर सवाल उठा रही है।
इस पूरे विवाद के बीच सबसे अहम सवाल यह है कि मतदाता सूची से कितने नाम हटाए गए, उनमें से कितने नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे और कितने मतदाताओं को सुनवाई का अवसर दिया गया। इन सवालों पर निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, SIR को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।




