Pandit Dhirendra Shastri: ‘बेटियों दुर्गा-काली बनना, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनना’, पंडित धीरेंद्र शास्त्री का महिला सशक्तीकरण पर बड़ा बयान
पांच जिलों से होकर गुजरी यात्रा
सनातन हिंदू एकता यात्रा को रथ यात्रा के रूप में भी आयोजित किया गया। करीब 500 किलोमीटर के इस सफर के दौरान यात्रा बुंदेलखंड क्षेत्र के पांच जिलों से होकर गुजरी और अंत में बागेश्वर धाम पहुंची। यात्रा के समापन पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इसमें शामिल होने वाले लोगों और आयोजन में सहयोग देने वालों के प्रति आभार जताया।
महिला सशक्तीकरण का दिया संदेश
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में महिलाओं को सशक्त बनाने की बात कही। उन्होंने महिलाओं से अपनी क्षमताओं को पहचानने और शिक्षा, प्रशासन तथा अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि,हमारी बेटियां दुर्गा बने लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनना। महिलाएं दुर्गा और काली की तरह सशक्त बनें और IPS तथा IAS जैसे महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचने का लक्ष्य रखें। उनके संदेश का केंद्र महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर रहा।
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान— “बेटियो! दुर्गा बनना, काली बनना, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनना।”
गरबा पंडालों में बाहरी लोगों को गोमूत्र पिलाकर प्रवेश देने की बात कही।
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— Himanshu Sharma (@himanshujourn) October 14, 2026
हिंदू समाज को एकजुट करने पर जोर
यात्रा का दूसरा प्रमुख उद्देश्य हिंदू समुदाय में एकता का संदेश पहुंचाना बताया गया। शास्त्री ने समाज को संगठित करने और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। यात्रा के माध्यम से बुंदेलखंड के विभिन्न क्षेत्रों में इस संदेश को पहुंचाने का प्रयास किया गया।
बुंदेलखंड को नशामुक्त बनाने का संकल्प
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बुंदेलखंड को नशामुक्त बनाने को भी यात्रा के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल बताया। उन्होंने नशे से दूर रहने और समाज को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की जरूरत पर जोर दिया। यात्रा के जरिए धार्मिक और सामाजिक एकता के साथ नशामुक्ति का संदेश भी लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई। इस उद्देश्य के तहत क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
पहले अपने क्षेत्र को जागरूक करने की बात
Pandit Dhirendra Shastri: समापन के दौरान शास्त्री ने कहा कि पूरे देश में जागरूकता फैलाने की कोशिश करने से पहले अपने घर और अपने आसपास के क्षेत्र में जागरूकता लाना जरूरी है। इसी विचार के तहत यात्रा में बुंदेलखंड को केंद्र में रखा गया। इस तरह 500 किलोमीटर लंबी सनातन हिंदू एकता यात्रा का समापन महिला सशक्तीकरण, हिंदू समाज की एकजुटता और नशामुक्त बुंदेलखंड के संदेश के साथ हुआ। आयोजन के जरिए धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।




