L. Murugan Resignation: एल. मुरुगन का केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा मंजूर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दी मंजूरी, जानें क्या थी इस्तीफे की वजह
नई दिल्ली। L. Murugan Resignation: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से गुरुवार को जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर किया गया। मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर दिया था इस्तीफा
एल. मुरुगन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर मंत्रिपद छोड़ने की इच्छा जताई थी। बताया गया है कि उन्होंने तमिलनाडु लौटकर राज्य में भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए काम करने की बात कही थी। इसके साथ ही उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की इच्छा भी व्यक्त की है।
तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने पर रहेगा फोकस
मुरुगन के इस्तीफे को तमिलनाडु में बीजेपी की संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके राज्य लौटकर पार्टी के लिए काम करने की इच्छा जताने के बाद अब राज्य में उनकी संभावित भूमिका पर नजर रहेगी। हालांकि, राज्यसभा की सदस्यता से उनके इस्तीफे की औपचारिक स्थिति अलग से स्पष्ट होना जरूरी है।
मंत्रिपरिषद में फेरबदल की अटकलों के बीच फैसला
एल. मुरुगन का इस्तीफा ऐसे समय में स्वीकार किया गया है, जब केंद्र सरकार के मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। इससे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे की भी खबरें सामने आई थीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं ने राज्यसभा चुनाव में बीजेपी की ओर से दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद मंत्री पद छोड़ा था।
अप्रैल 2030 तक था राज्यसभा का कार्यकाल
L. Murugan Resignation: एल. मुरुगन सितंबर 2021 से राज्यसभा के सदस्य हैं। अप्रैल 2024 में वह मध्य प्रदेश से दोबारा उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था। हालांकि, उन्होंने अब संसद के उच्च सदन की सदस्यता छोड़ने की इच्छा भी जताई है। राष्ट्रपति भवन के बयान में बताया गया कि संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका मंत्री पद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया गया है। अब आगे की राजनीतिक भूमिका और राज्यसभा सदस्यता को लेकर होने वाले औपचारिक फैसलों पर नजर रहेगी।




