Akhilesh Yadav On BJP: ‘इस बार भाजपाई हारेंगे भी और भागेंगे भी’ अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना
लखनऊ। Akhilesh Yadav On BJP: उत्तर प्रदेश में 2027 को विधानसभा चुनाव होने को है। लेकिन इससे पहले ही सियासी गलियारों में हलचल शुरू हो गई है। नेता मंत्री द्वारा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। वहीं इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वे बीजेपी पर निशाना साधते हुए नजर आए।
“भाजपाई हारेंगे भी और भागेंगे भी इस बार।”
• माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी https://t.co/VswbtZsa3w
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) October 15, 2026
“भाजपाइयों की टंकी फूटेगी।”
• माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी https://t.co/D3rZEALxJo
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) October 15, 2026
हर विधानसभा में फर्जी वोटरों की जांच का दावा
अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए प्रहरी’ प्रदेश की हर विधानसभा में मतदाता सूची की जांच कर रहे हैं। उनके अनुसार, कार्यकर्ता संदिग्ध और कथित फर्जी मतदाताओं की पहचान करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ सकता है, वहां वोटों में गड़बड़ी की आशंका अधिक रहती है। उन्होंने इसे वोटों की ‘डकैती’ करार देते हुए चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
चुनाव ड्यूटी में पीडीए की भागीदारी पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने चुनाव ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनावी जिम्मेदारियां संभालने वाले लोगों में पीडीए परिवार का एक भी व्यक्ति शामिल नहीं है। उनके इस बयान के जरिए चुनावी व्यवस्था में प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाया गया है। हालांकि, चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों की सामाजिक पृष्ठभूमि और नियुक्ति से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की गई है।
पीडीए को मजबूत करने पर सपा का जोर
Akhilesh Yadav On BJP: अखिलेश यादव के बयान से स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी पीडीए को अपने राजनीतिक और सामाजिक अभियान का प्रमुख आधार बनाए रखना चाहती है। पार्टी का जोर पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों को उठाने के साथ मतदाता सूची की निगरानी पर भी है। वहीं, भाजपा और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल अखिलेश यादव के बयान ने चुनावी निष्पक्षता और पीडीए की राजनीतिक भूमिका को लेकर बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।




