Meerut Blue Drum Murder Case: नीले ड्रम हत्याकांड में बड़ा फैसला, मुस्कान और साहिल को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा, परिवार को मिला इंसाफ
सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों आरोपियों को जिला कारागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने उनकी स्थिति और जेल में दिनचर्या से संबंधित जानकारी ली। इसके बाद सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर मृत्युदंड का फैसला सुनाया गया।
मृतक के परिवार ने की थी कड़ी सजा की मांग
सौरभ राजपूत की मां रेणू और भाई बबलू ने अदालत से दोनों दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग की थी। जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) केके चौबे ने भी मामले में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों के लिए कड़ी सजा की मांग रखी थी। परिवार की ओर से कहा गया था कि यदि अदालत से उनकी अपेक्षा के अनुरूप फैसला नहीं आता, तो वे उच्च न्यायालय का रुख करेंगे। अदालत के फैसले के बाद मामले ने एक बार फिर व्यापक ध्यान खींचा है।
प्रेम विवाह के बाद रिश्तों में आई दूरी
मामले के अनुसार, मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित इंद्रानगर निवासी सौरभ राजपूत ने वर्ष 2016 में गौरीपुरा निवासी मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। वर्ष 2019 में पारिवारिक विवाद के बाद दोनों अलग रहने लगे। उसी वर्ष मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया, जो वर्तमान में अपने नाना-नानी के साथ रहती है। इसी दौरान मुस्कान की मुलाकात अपने स्कूल के पुराने सहपाठी और इंद्रानगर निवासी साहिल शुक्ला से हुई। बताया गया कि सौरभ के विदेश जाने के बाद साहिल और मुस्कान के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं।
मार्च 2025 में सामने आया था हत्याकांड
पुलिस के अनुसार, सौरभ के विदेश से लौटने के बाद उसकी हत्या की साजिश रची गई। आरोप था कि 3 मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या कर दी गई और शव के टुकड़े कर उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया। घटना के बाद साहिल और मुस्कान के हिमाचल प्रदेश घूमने जाने की बात सामने आई। 17 मार्च को लौटने के बाद अगले दिन, 18 मार्च को, मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने 19 मार्च को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की निशानदेही पर ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया गया।
जांच और सुनवाई के बाद दोषी करार
Meerut Blue Drum Murder Case: पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद 30 सितंबर को अदालत ने साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को हत्या का दोषी ठहराया था। इसके बाद बुधवार को अदालत ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए दोनों को मृत्युदंड सुनाया। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और फैसले के विरुद्ध संभावित अपील की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।




