UP Election 2027: आगामी चुनाव के लिए बीजेपी ने कसी कमर, ‘प्लान 403’ को लेकर तैयारी, ओबीसी वोट बैंक पर रहेगी नजर
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बीजेपी के ओबीसी मोर्चा की रणनीति में ‘सबसे ऊंचे सरदार अभियान’ और ‘प्लान 403’ को प्रमुख स्थान दिया गया है। पार्टी का फोकस प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन को सक्रिय करने, बूथ स्तर पर संपर्क बढ़ाने और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक चर्चा में लाने पर है।
‘प्लान 403’ के तहत बूथ स्तर पर संपर्क की तैयारी
बीजेपी की प्रस्तावित रणनीति में विधानसभा क्षेत्रवार जातीय समीकरणों और स्थानीय संगठन की भूमिका पर जोर दिया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ‘प्लान 403’ के तहत करीब 4 लाख 3 हजार ओबीसी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की योजना है। इसका उद्देश्य हर विधानसभा क्षेत्र में पिछड़े और अति-पिछड़े समुदायों के बीच संगठनात्मक संपर्क बढ़ाना बताया जा रहा है।
पार्टी ‘अखिलेश यादव जवाब दो’ अभियान के जरिए समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का मुद्दा उठाने की तैयारी में भी है। बीजेपी की रणनीति में स्थानीय नेतृत्व, सामाजिक प्रतिनिधित्व और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद जैसे पहलुओं को शामिल किए जाने की बात कही गई है।
सरदार पटेल की जयंती पर बूथ स्तर पर कार्यक्रम
बीजेपी की योजना में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को भी अहम स्थान दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 31 अक्टूबर को बूथ स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। इसके तहत प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्रों और 1,918 मंडलों में सम्मेलन प्रस्तावित हैं। इस अभियान का नेतृत्व बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल से जुड़ा बताया गया है।
‘सबसे ऊंचे सरदार अभियान’ के माध्यम से पार्टी सरदार पटेल की विरासत को सामने रखते हुए कुर्मी, पटेल और गंगवार समेत विभिन्न पिछड़े समुदायों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश करेगी। इन कार्यक्रमों के जरिए सामाजिक प्रतिनिधित्व और महापुरुषों की विरासत जैसे मुद्दों पर संवाद करने की योजना है।
‘अबकी बार बांके बिहारी’ के जरिए यादव समाज तक पहुंचने की कोशिश
बीजेपी की रणनीति में यादव समुदाय के बीच संपर्क बढ़ाने की योजना भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी ‘अबकी बार बांके बिहारी’ नारे और मथुरा से जुड़े धार्मिक-सांस्कृतिक संदर्भों के जरिए इस समुदाय तक पहुंच बनाने का प्रयास कर सकती है।
इसके साथ ही बीजेपी, समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का मुद्दा उठाने की तैयारी में है। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी अखिलेश यादव से यह सवाल करने की योजना बना रही है कि यादव समुदाय के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अवसर किस तरह मिल सकते हैं। यह बीजेपी की प्रस्तावित राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है; इसका प्रभाव मतदाताओं की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।
जातीय समीकरण और स्थानीय नेतृत्व पर रहेगा जोर
बीजेपी की योजना में केवल बड़े सम्मेलन ही नहीं, बल्कि विधानसभा और बूथ स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करना भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, जिलों और स्थानीय संगठनों में ओबीसी तथा अति-पिछड़े वर्गों से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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आगामी चुनाव से पहले बीजेपी और सपा दोनों ही अपने-अपने सामाजिक गठजोड़ को मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं। बीजेपी की घोषित रणनीति में बूथ स्तर का प्रबंधन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क जैसे पहलू शामिल बताए गए हैं। वहीं, सपा अपने PDA फॉर्मूले के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को साथ लाने पर जोर दे रही है।
UP Election 2027: फिलहाल, ‘प्लान 403’ और ‘सबसे ऊंचे सरदार अभियान’ बीजेपी की चुनावी तैयारियों के प्रमुख हिस्सों के रूप में सामने आए हैं। इन योजनाओं को जमीन पर किस तरह लागू किया जाता है और विभिन्न सामाजिक वर्गों में इनकी कैसी प्रतिक्रिया रहती है, यह आगे की राजनीतिक गतिविधियों से स्पष्ट होगा।



