Advertisement
छत्तीसगढ़ट्रेंडिंग-न्यूज़बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़रायपुर

Nuakhai Bhetghat: रायपुर में धूमधाम से मनाया गया नुआखाई भेटघाट, गीत-संगीत और नृत्य ने बांधा समां

रायपुर। Nuakhai Bhetghat: राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित भारत माता चौक में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ जुहार परिवार की ओर से पारंपरिक नुआखाई भेटघाट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ जुहार परिवार के अध्यक्ष संजय नाग के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजन में ओड़िया समाज के लोगों के साथ रायपुर के नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

MLA Atar Singh Murder: BJP के पूर्व विधायक की हत्या, ग्रामीणों ने पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

गीत-संगीत और नृत्य से सजी सांस्कृतिक संध्या

कार्यक्रम में ओडिशा की गायिका निशा सुना और डमरू टांडी के साथ छत्तीसगढ़ की गायिका माधुरी शर्मा ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। पारंपरिक गीतों और नृत्य ने आयोजन को खास बना दिया। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

मिट्टी, कृषि और भाईचारे का पर्व है नुआखाई

नुआखाई ओड़िया समाज का प्रमुख कृषि एवं सांस्कृतिक पर्व है। यह नई फसल के अन्न को ग्रहण करने और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर माना जाता है। इस पर्व पर मां समलेश्वरी से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की जाती है। नुआखाई केवल फसल से जुड़ा त्योहार नहीं, बल्कि आपसी मेल-मिलाप, पारिवारिक एकता और सामाजिक भाईचारे का भी प्रतीक है। नुआखाई भेटघाट के माध्यम से लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं।

Bhupesh Baghel: धान खरीदी की तैयारी पर भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा, कहा-‘सरकार की नीयत नहीं है धान खरीदी करने की’

17 वर्षों से संस्कृति और परंपराओं को संजो रहा जुहार परिवार

Nuakhai Bhetghat: रायपुर में निवासरत ओड़िया समाज को एकजुट करने और उनकी कला, संस्कृति व परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ जुहार परिवार पिछले 17 वर्षों से लगातार प्रयास कर रहा है। संस्था द्वारा ऐसे आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और परंपराओं के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया जा रहा है। नुआखाई भेटघाट कार्यक्रम ने एक बार फिर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश दिया। गीत-संगीत, नृत्य और आपसी मिलन के बीच आयोजित इस उत्सव में लोगों की भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया।

 

Advertisement
Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close