Shamsher Singh Virk: भारतीय सेना में बड़ा बदलाव, लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क बने डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ
नई दिल्ली। Shamsher Singh Virk: भारतीय सेना में वरिष्ठ स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में बदलाव हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने गुरुवार को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (कैपेबिलिटी डेवलपमेंट एंड सस्टेनेंस) यानी DCOAS (CD&S) का कार्यभार संभाल लिया। इस पद पर उनकी जिम्मेदारी सेना की क्षमताओं के विकास, आधुनिकीकरण और उन्हें लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखने से जुड़ी विभिन्न पहलों की निगरानी करना होगी। नई जिम्मेदारी संभालने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल विर्क पश्चिमी मोर्चे पर तैनात एक कोर के कमांडर के रूप में सेवाएं दे रहे थे। वहां उन्होंने महत्वपूर्ण परिचालन जिम्मेदारियों का नेतृत्व किया।
क्षमता विकास और सैन्य तैयारियों पर रहेगा फोकस
नई भूमिका में लेफ्टिनेंट जनरल विर्क भारतीय सेना की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और उनके सस्टेनेंस से जुड़े प्रयासों की निगरानी करेंगे। बदलते सुरक्षा परिदृश्य और लगातार विकसित हो रही सैन्य चुनौतियों के बीच सेना की परिचालन क्षमता को प्रभावी बनाए रखना इस जिम्मेदारी का अहम हिस्सा होगा। भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने DCOAS (CD&S) का पद संभाल लिया है। सेना के अनुसार, नई भूमिका में वह क्षमता विकास और सस्टेनेंस से संबंधित पहलों की देखरेख करेंगे।
सेवानिवृत्त अधिकारियों को सेना प्रमुख ने दी विदाई
इसी क्रम में भारतीय सेना के लिए यह सप्ताह बदलाव और सम्मान दोनों का रहा। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने बुधवार को सैन्य सेवा से सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी। सेना प्रमुख ने राष्ट्र के प्रति उनके लंबे, समर्पित और निस्वार्थ योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों की सेवा और अनुभव भारतीय सेना की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सैन्य सेवा से निवृत्त होने के बाद भी उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और अर्जित ज्ञान राष्ट्र निर्माण में उपयोगी साबित होंगे। भारतीय सेना ने भी सेवानिवृत्त अधिकारियों के योगदान को सम्मान देते हुए उनके आगामी जीवन और भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।
एकीकृत रक्षा व्यवस्था के लिए मुख्यालय को दी शुभकामनाएं
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और भारतीय सेना के सभी रैंकों ने मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ के 26वें स्थापना दिवस पर भी शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर भारतीय रक्षा व्यवस्था में मुख्यालय की भूमिका और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करने में उसके योगदान को रेखांकित किया गया।
चिनार कोर के अग्रिम इलाकों का दौरा कर चुके हैं सेना प्रमुख
इससे पहले बीते सप्ताह सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर में चिनार कोर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने नियंत्रण रेखा (LoC) और अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की तथा तैनात सैनिकों से बातचीत की। सेना प्रमुख ने तंगधार में ‘ऑपरेशन दृष्टि 2026’ की तैयारियों और गतिविधियों का भी जायजा लिया। इस दौरे के दौरान स्थानीय सैन्य कमांडरों ने उन्हें क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, अभियानगत तैयारियों और सेना की परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
LoC सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों की समीक्षा
Shamsher Singh Virk: दौरे के दौरान सेना प्रमुख को नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उपायों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के अंदरूनी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों की तैयारियों से भी अवगत कराया गया। भारतीय सेना लगातार बदलती सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अपनी परिचालन तैयारियों और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है। ऐसे में लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क की नई जिम्मेदारी भी सेना की क्षमता विकास और सस्टेनेंस व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




