Raipur News: KTU में दीक्षारंभ का द्वितीय सत्र, हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने नई पीढ़ी को दिए पत्रकारिता के मूलमंत्र
रायपुर। Raipur News: कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू) रायपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, उसकी चुनौतियों और युवा पत्रकारों की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में ‘हरिभूमि’ के प्रधान संपादक एवं रणनीतिक विश्लेषक डॉ. हिमांशु द्विवेदी मौजूद रहे।
पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी
कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि पत्रकार के लिए उसकी आखिरी स्टोरी और उसकी भाषा बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि समाचार हमेशा तथ्यपरक और सही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता पर अर्थशास्त्र के सिद्धांतों का प्रभाव बढ़ा है, जिसके चलते इसके मूल उद्देश्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे दौर में नई पीढ़ी के पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वे पत्रकारिता की विश्वसनीयता को बनाए रखें। कुलपति ने विद्यार्थियों को सनसनीखेज रिपोर्टिंग से बचने और खबरों में तथ्य एवं सत्य को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को अपने पेशे में अंतरात्मा की आवाज और नैतिक जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखना चाहिए।

पिछले दो दशकों में तेजी से बदला पत्रकारिता का स्वरूप
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने पत्रकारिता के इतिहास और वर्तमान स्वरूप पर विचार रखते हुए कहा कि पिछले दो दशकों में इस क्षेत्र में जितना बदलाव आया है, उतना पहले देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की शुरुआत समाज में विचारों को प्रभावी ढंग से रखने और जनकल्याण के उद्देश्य से हुई थी। उनके अनुसार, आजादी के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यावसायिक पक्ष का प्रभाव बढ़ता गया और इसके स्वरूप में बदलाव आया। डॉ. द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता और समाचार संस्थानों के सामने विश्वसनीयता बनाए रखना बड़ी चुनौती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी भी खबर को जल्दबाजी में प्रसारित करने के बजाय उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।

विद्यार्थियों को अध्ययनशील बनने की दी सलाह
डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से अपनी क्षमताओं को पहचानने और समय-समय पर स्वयं का आकलन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक प्रभावी पत्रकार बनने के लिए अध्ययनशील होना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई को अपने जीवन के अनुशासन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही कहा कि पत्रकारिता में किसी भी सूचना को आगे बढ़ाने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि करना आवश्यक है, क्योंकि गलत सूचना से पत्रकारिता की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
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हरिभूमि और केटीयू के बीच हुआ एमओयू
कार्यक्रम के दौरान हरिभूमि और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के बीच मीडिया हाउस लिंकेज और आपसी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हस्ताक्षरित किया गया। इस समझौते को विश्वविद्यालय और मीडिया संस्थान के बीच सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
Raipur News: कार्यक्रम की शुरुआत पत्रकारिता विभागाध्यक्ष पंकज नयन पांडेय के स्वागत भाषण से हुई। मुख्य अतिथि डॉ. हिमांशु द्विवेदी का परिचय तारिणी सोनी ने प्रस्तुत किया। मंच संचालन डॉ. केशव राठौर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कार्यक्रम संयोजक डॉ. आशुतोष मंडावी ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता और बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।




