[t4b-ticker]
Advertisement
ट्रेंडिंग-न्यूज़देशधर्मबंगलादेशबड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़

Donald Trump Buffalo: बकरीद पर बच गई डोनाल्ड ट्रंप की जान, होने वाला था कुर्बान, सुनहरे-भूरे बालों से बटोरी थी सुर्खियां

ढाका। Donald Trump Buffalo: आज इस्लामिक पर्व ईद-उल-अजहा जिसे बकरीद भी कहा जाता है। देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसे इस्लाम धर्म का सबसे खास त्योहार माना जाता है। ईद-उल-अजहा को कुर्बानी की ईद के नाम से भी जाना जाना जाता है क्योंकि इस दिन जानवर की कुर्बानी दी जाती है। बकरीद के इस मौके पर एक बहुत ही खास खबर सामने आई है। जहां एक दुर्लभ अल्बिनो भैंस, जिसे उसके सुनहरे-भूरे बालों की वजह से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) नाम दिया गया था और जिसकी कुर्बानी दी जानी थी।

Read More:  Big Breaking: भाजपा विधायक समेत 10 पर FIR दर्ज,नायब तहसीलदार से मारपीट का आरोप 

बता दें कि, अमेरिकी राष्ट्रपति जैसा लुक होने की वजह से इस अल्बिनो ‘डोनाल्ड ट्रंप’ भैंस ने जमकर लोकप्रियता बटोरी। यह भैसा सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया और इसकी कुर्बानी रोकने की मांग उठाई जाने लगी। ऐसे में बांग्लादेश की तारिक रहमान (Tarique Rahman) सरकार के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद (Salahuddin Ahmed) के आदेश पर इस भैंस की कुर्बानी पर रोक लगा दी। इसे बांग्लादेश की सरकार ने ढाका के राष्ट्रीय चिड़ियाघर में स्थानांतरित कर दिया गया। लोगों के बीच यह भैंसा काफी लोकप्रिय हो गया है ऐसे में वो बड़ी संख्या में दूर-दूर से इसे देखने के लिए चिड़ियाघर जा रहे हैं और इसके साथ तस्वीरें क्लिक कर रहे हैं।

खास लुक ने बचाई जान

बांग्लादेश के जिया उद्दीन मृधा के फार्म पर पले इस सफेद भैंसे के सिर पर आगे की तरफ झुके हुए सुनहरे-भूरे बाल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जैसे खास लुक की वजह से ही इस भैंसे को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग उसे देखने के लिए फ़ार्म पर भी गए। हालांकि जब उन्हें पता चला कि बकरीद पर भैंसे की कुर्बानी दे दी जाएगी, तो सोशल मीडिया पर इस पर रोक लगाने की मुहिम शुरू हो गई।

Read More: Eid-ul-Azha 2026: देशभर में आज धूमधाम से मनाया जा रहा ईद-उल-अजहा, वक्फबोर्ड ने की खुले में कुर्बानी न करने की अपील

Donald Trump Buffalo: देश-विदेश के लोगों ने इस पर रोक लगाने की मांग की। इस भैंसे की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि सुरक्षा कारणों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बांग्लादेश सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों की भावनाओं और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए आखिरी समय में इस कुर्बानी पर रोक लगाने का फैसला लिया गया।

Advertisement
Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close