‘जोन कमिश्नर साहब को देना पड़ता है खर्चा पानी’, कर्मचारी कर रहे ठेले-गुमटी, सब्जी वाले से डिमांड, लगे गंभीर आरोप
हिमांशु पटेल/ रायपुर। Raipur Zone 5 Illegal extortion: राजधानी रायपुर में नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जोन क्रमांक 05 के अंतर्गत वामनराव लाखे वार्ड 66, कुशालपुर क्षेत्र में दंतेश्वरी मंदिर से रिंग रोड नंबर-1 तक करीब डेढ़ किलोमीटर की सड़क पर 20 से 30 अवैध ठेले खुलेआम (Zone 5 Illegal extortion) संचालित हो रहे हैं, लेकिन कार्रवाई केवल एक ठेले पर, क्या ये न्याय है या चयनात्मक दबाव?
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दरअसल, स्थानीय सब्जी विक्रेता बसंत सोना ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि, 11 फरवरी को ए.आर.आई. महेश बाघ (Zone 5 Illegal extortion) ने उनसे अवैध वसूली की मांग की। पूछने पर कहा गया कि, यह रकम “जोन कमिश्नर के खर्चा-पानी” के लिए है। जब बसंत ने पैसे देने से मना किया, तो 18 फरवरी की शाम, कार्यालय समय खत्म होने के बाद, महेश बाघ अपने साथियों के साथ पहुंचे और उनका ठेला जब्त कर लिया। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि, संबंधित कर्मचारी शराब के नशे में लोगों से मनमानी वसूली करता है।
वहीं इस मामले को लेकर जोन कमिश्नर खीरसागर नायक ने कहा कि, तमाम आरोप बेबुनियाद है,सभी ठेले गुमटी पर कार्रवाई की गई है। बताया कि, अवैध ठेले गुमटी संचालन नहीं हो सकता यातायात बाधित होता है। समय-समय पर निगम अमला कार्रवाई करता है और सभी पर कार्रवाई होती है।
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Raipur Zone 5 Illegal extortion: मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि, जब उसी सड़क पर कई अवैध ठेले मौजूद हैं, तो कार्रवाई सिर्फ एक व्यक्ति पर ही क्यों? क्या यह कार्रवाई नियम के तहत हुई या दबाव बनाकर वसूली का हिस्सा है? हैरानी की बात यह भी है कि अप्रैल 2025 में नगर निगम के 70 वार्डों के ए.आर.आई. का तबादला हुआ, लेकिन महेश बाघ को नहीं हटाया गया। इससे संरक्षण और मिलीभगत की आशंका और गहरी हो जाती है। अब मांग उठ रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।





