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Surya Grahan 2026: साल का आखिरी सूर्यग्रहण आज, जानें भारत में सूतक मान्य होगा या नहीं

Surya Grahan 2026: साल 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण आज 12 अगस्त को होने जा रहा है। खगोलीय दृष्टि से यह ग्रहण बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि कई दशकों बाद ऐसा नजारा देखने को मिलेगा, जब सूर्य का बड़ा हिस्सा चंद्रमा की छाया में ढक जाएगा। ग्रहण के चरम पर कुछ क्षेत्रों में दिन के समय भी अंधेरा छाने जैसा अनुभव हो सकता है।

ग्रहण के दौरान चंद्रमा धीरे-धीरे सूर्य के सामने आएगा और सूर्य का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा ढक जाएगा। जैसे-जैसे सूर्य की रोशनी कम होगी, वातावरण में भी बदलाव महसूस किया जा सकता है। कुछ स्थानों पर तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना रहेगी। हालांकि, ग्रहण समाप्त होते ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

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यूरोप और अटलांटिक क्षेत्र में दिखेगा शानदार नजारा

इस सूर्य ग्रहण को यूरोप के कई हिस्सों और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र से देखा जा सकेगा। ब्रिटेन, स्पेन, आइसलैंड और ग्रीनलैंड समेत कई इलाकों में लोग इस दुर्लभ खगोलीय घटना के गवाह बनेंगे। बताया जा रहा है कि वर्ष 1999 के बाद इस तरह का खास सूर्य ग्रहण देखने का अवसर मिल रहा है। वहीं, इसी तरह की अगली खगोलीय घटना के लिए लोगों को कई दशकों तक इंतजार करना पड़ सकता है। यही वजह है कि वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के बीच इस ग्रहण को लेकर खास उत्साह है।

भारत में नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण

भारत में रहने वाले लोगों के लिए यह सूर्य ग्रहण देखने का मौका नहीं होगा। दरअसल, भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की शुरुआत रात में होगी, जब देश के अधिकांश हिस्सों में सूर्य दिखाई नहीं देगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण रात करीब 9:04 बजे शुरू होगा। पूर्ण ग्रहण की शुरुआत लगभग 10:29 बजे होगी और रात 11:16 बजे ग्रहण अपने मध्य चरण में पहुंचेगा। इसके बाद ग्रहण का समापन 13 अगस्त की रात करीब 1:27 बजे होगा।

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Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने के कारण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां सूतक काल के नियम लागू नहीं माने जाएंगे। आमतौर पर सूतक काल को ग्रहण की दृश्यता से जोड़ा जाता है। इसलिए भारत में इस ग्रहण के दौरान सूतक और उससे जुड़े धार्मिक नियमों का पालन आवश्यक नहीं माना जाएगा।

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