Nakti Village Controversy: “गरीबों के घर तोड़कर विधायक आवास नहीं चाहिए”, दीपक बैज की सभी विधायकों से अपील, कहा- ‘करें नकटी आवास का बहिष्कार’
रायपुर। Nakti Village Controversy: राजधानी रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मंगलवार को राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि “किसी गरीब के घर तोड़कर विधायक आवास नहीं चाहिए।” उन्होंने कांग्रेस और भाजपा समेत सभी विधायकों से अपील की कि वे नकटी में बनने वाले विधायक आवास का बहिष्कार करें।
बैज ने कहा कि कांग्रेस के आदिवासी विधायक जनक ध्रुव और विधायक चातुरी नंद पहले ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्पष्ट कर चुके हैं कि वे गरीबों के आशियाने उजाड़कर बनाए गए विधायक आवास नहीं लेंगे। उन्होंने दोनों विधायकों का धन्यवाद देते हुए अन्य विधायकों से भी ऐसा ही रुख अपनाने की अपील की।
नकटी की कार्रवाई को बताया गैरकानूनी
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि नकटी गांव में 85 मकानों को तोड़ा गया, जिनमें लगभग 25 मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने थे। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने के बाद इस तरह की कार्रवाई करना मानवीय और कानूनी दोनों दृष्टि से गलत है। सामान्यतः मानसून के दौरान विस्थापन और सीमांकन जैसी कार्रवाई नहीं की जाती, लेकिन सरकार ने 29 जून को बुलडोजर चलाकर नियमों की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को अपना सामान तक हटाने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और बिना समुचित पुनर्वास के उनके घर तोड़ दिए गए।
“व्यवस्थापन नहीं, केवल विस्थापन”
बैज ने कहा कि जिन परिवारों को वैकल्पिक आवास दिया गया है, वहां भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 से 25 सदस्यों वाले परिवारों को एक छोटे ईडब्ल्यूएस फ्लैट में भेजा जा रहा है, जहां बिजली, पानी, पंखे और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने सवाल उठाया कि चौथी मंजिल पर बनाए गए फ्लैट में बुजुर्ग और दिव्यांग लोग कैसे पहुंचेंगे। उन्होंने संबंधित मंत्री से चुनौती देते हुए कहा कि वे दो घंटे उन फ्लैटों में रहकर दिखाएं।
मकानों की कीमत कौन देगा?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रभावित लोगों को दिए गए अस्थायी आवंटन पत्रों में 5.50 लाख और 8.50 लाख रुपये की श्रेणी वाले मकानों का उल्लेख है। उन्होंने सवाल किया कि इन मकानों की राशि कौन चुकाएगा और सरकार इन्हें पूरी तरह निःशुल्क क्यों नहीं दे रही है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से की ये मांग
सरकार अपनी गलती स्वीकार कर प्रभावित परिवारों से सार्वजनिक माफी मांगे।
जिन मकानों को तोड़ा गया है, उन्हें उसी स्थान पर दोबारा बनाकर दिया जाए।
प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
बुलडोजर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
यदि मुख्यमंत्री में नैतिकता है तो वे माफी मांगें और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें।
दी कोर्ट जाने की चेतावनी
दीपक बैज ने कहा कि यदि सरकार दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करती और प्रभावित लोगों को न्याय नहीं मिलता तो कांग्रेस इस पूरे मामले को अदालत में भी चुनौती देगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास नया रायपुर में हजारों एकड़ खाली जमीन उपलब्ध है। यदि विधायक आवास बनाना ही था तो वहां बनाया जा सकता था, गरीबों के घर उजाड़ने की जरूरत नहीं थी।
Nakti Village Controversy: पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र तिवारी, पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महामंत्री सकलेन कामदार, पूर्व विधायक अनीता शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, राजेंद्र पप्पू बंजारे, मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, वंदना राजपूत, सत्यप्रकाश सिंह और अजय गंगवानी भी मौजूद रहे।




