Teejan Bai Tambura: पद्म विभूषण तीजन बाई का तंबूरा नहीं जाएगा संग्रहालय, परिजनों ने संस्कृति विभाग को सौंपने से किया इनकार
दुर्ग। Teejan Bai Tambura: छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की सबसे प्रिय धरोहर माने जाने वाले उनके तंबूरे को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि तंबूरा संस्कृति विभाग को नहीं सौंपा जाएगा। उनका कहना है कि यह केवल एक वाद्य यंत्र नहीं, बल्कि परिवार की अमूल्य विरासत और डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों से जुड़ी सबसे कीमती धरोहर है।
जानकारी के अनुसार, संस्कृति विभाग की ओर से तंबूरे को संग्रहालय में सुरक्षित रखने की पहल की जा रही थी, लेकिन परिवार ने इसे सौंपने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि इस तंबूरे से डॉ. तीजन बाई की जीवनभर की साधना, कला और संघर्ष की यादें जुड़ी हैं। ऐसे में इसे परिवार से अलग करना उचित नहीं होगा।
परिजनों ने बताया कि अब कौशल्या निवास में ही पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निजी संग्रहालय बनाया जाएगा। इस संग्रहालय में उनके तंबूरे के साथ-साथ उनके द्वारा प्राप्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान, पुरस्कार, स्मृति चिह्न, दुर्लभ तस्वीरें, दस्तावेज और पंडवानी से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं को भी संरक्षित किया जाएगा।
Teejan Bai Tambura: परिवार का कहना है कि निजी संग्रहालय का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को डॉ. तीजन बाई के कला-साधना, सांस्कृतिक योगदान और विरासत से परिचित कराना है। साथ ही, उनके जीवन से जुड़ी अनमोल धरोहरों को एक ही स्थान पर सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि लोग उनकी स्मृतियों से सीधे जुड़ सकें। डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई थी। ऐसे में उनके तंबूरे और अन्य स्मृति चिह्नों को लेकर परिवार का यह फैसला उनकी विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




