Presidential Election: 35 साल बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति चुनाव आज, इन दो उम्मीदवारों के बीच होगा सीधा मुकाबला
ढाका। Presidential Election: बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में बुधवार का दिन अहम माना जा रहा है। करीब 35 साल बाद पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए संसद में वास्तविक मतदान होने जा रहा है। चुनाव में सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और 11 दलों के विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद आमने-सामने हैं। बांग्लादेश चुनाव आयोग के मुताबिक राष्ट्रपति पद के लिए मतदान 20 अगस्त को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कराया जाएगा। संसद में दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होने के कारण इस चुनाव पर देश-विदेश की नजरें टिकी हैं।
शेख हसीना के करीबी रहे राष्ट्रपति ने छोड़ा पद
राष्ट्रपति पद खाली होने के बाद नए राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई है। पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दिया था। फिलहाल संसद स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बांग्लादेश के संविधान के अनुसार राष्ट्रपति पद रिक्त होने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव कराया जाना जरूरी है। इसी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अब संसद में मतदान कराया जा रहा है।
BNP उम्मीदवार की स्थिति मजबूत
प्रधानमंत्री और BNP के चेयरमैन तारिक रहमान ने 78 वर्षीय मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। हालिया आम चुनाव में BNP को बहुमत मिलने के बाद संसद में पार्टी की संख्या काफी मजबूत है। ऐसे में आलमगीर की जीत की संभावना को मजबूत माना जा रहा है। वहीं विपक्षी गठबंधन ने कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद ‘बीर बिक्रम’ को अपना संयुक्त उम्मीदवार बनाया है। वह लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष हैं।
21 फरवरी को शपथ लेने की तैयारी
रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव में जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवार का शपथ ग्रहण समारोह 21 फरवरी को बंगभवन के दरबार हॉल में आयोजित किया जा सकता है। चुनाव आयोग ने दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को वैध घोषित कर दिया है।
कौन हैं मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर?
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर अर्थशास्त्र की पृष्ठभूमि वाले वरिष्ठ राजनेता हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। बाद में वह BNP में शामिल हुए और पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। वह कृषि तथा नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। लंबे समय से BNP के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आलमगीर ने पार्टी नेतृत्व की गैरमौजूदगी में भी संगठन को संभाला है।
राष्ट्रपति के पास कितनी ताकत?
Presidential Election: बांग्लादेश की संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति मुख्य रूप से संवैधानिक और औपचारिक प्रमुख होते हैं। हालांकि प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति सहित कई संवैधानिक जिम्मेदारियां राष्ट्रपति के पास होती हैं। वह देश के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर भी होते हैं। ऐसे में 35 साल बाद संसद में हो रहा राष्ट्रपति चुनाव बांग्लादेश की मौजूदा राजनीति और सत्ता समीकरण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




