Chamoli Tunnel Landslide: बड़ा हादसा..निर्माणाधीन सुरंग में मलबा धसने से 7 लोगों की मौत, रेस्क्यू जारी
चमोली। Chamoli Tunnel Landslide: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में पानी का रिसाव और अचानक मलबा आने से अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय टनल के भीतर 24 लोग मौजूद थे। इनमें से 14 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 3 मजदूर अभी भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं।
14 मजदूर निकाले गए बाहर
रेस्क्यू टीमों ने अब तक 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें से 13 घायलों का इलाज गोपेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है, जबकि एक गंभीर रूप से घायल मजदूर को बेहतर उपचार के लिए श्रीनगर के हायर सेंटर रेफर किया गया है। टनल के भीतर लगातार पानी और मलबा आने की वजह से बचाव दलों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सुरंग में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
NDRF-SDRF और सेना संभाल रही मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। NDRF, SDRF, सेना, ITBP, पुलिस, फायर सर्विस और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं। रेस्क्यू अभियान की निगरानी जिलाधिकारी गौरव कुमार कर रहे हैं। मौके पर 22 पुलिसकर्मी, NDRF के 27, SDRF के 42, DRF के 4 और फायर सर्विस के 9 जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा गौचर और जोशीमठ से भी अतिरिक्त टीमें घटनास्थल पर भेजी गई हैं।
सीएम धामी ने टनल के अंदर जाकर लिया जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सुरंग के अंदर जाकर चल रहे बचाव अभियान का जायजा लिया और अधिकारियों से रेस्क्यू की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचकर घायल मजदूरों से मुलाकात करेंगे।
पानी और मलबे ने बढ़ाई चुनौती
Chamoli Tunnel Landslide:अधिकारियों के अनुसार, हादसे के बाद टनल के अंदर पानी भरने और मलबा आने से फंसे मजदूरों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बचाव दल सुरक्षित रास्ता बनाने और अंदर फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालने की कोशिश में जुटे हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता टनल में फंसे तीनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। बचाव अभियान पर लगातार नजर रखी जा रही है।




