Manendragarh News: हार्ट अटैक मरीज को 6 घंटे तक नहीं मिली एंबुलेंस, लचर स्वास्थ्य व्यवस्था से महिला की मौत, मचा बवाल
मनेंद्रगढ़। Manendragarh News: छत्तीसगढ़ के एमसीबी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय स्थित 220 बिस्तर अस्पताल में हार्ट अटैक से पीड़ित एक महिला मरीज को रायपुर रेफर किए जाने के बावजूद समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल सकी। आरोप है कि करीब 6 घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करने के दौरान महिला की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, महिला की तबीयत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने शाम करीब 6 बजे उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया था। परिजनों का आरोप है कि रेफरल के बाद भी 108 एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। इसी बीच मरीज की हालत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजन देर रात तक अस्पताल परिसर में एंबुलेंस में शव रखकर कार्रवाई की मांग करते रहे। अस्पताल परिसर में बढ़ती भीड़ और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल को भी मौके पर बुलाना पड़ा।
बताया जा रहा है कि जिस 108 एंबुलेंस का इंतजार किया जा रहा था, वह रात करीब 12 बजे अस्पताल पहुंची। तब तक मरीज की मौत हो चुकी थी। परिजन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। आखिरकार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद रात करीब ढाई बजे परिजन शव को लेकर रवाना हुए।
मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इधर, मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस उपलब्ध कराने में हुई देरी और पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
Manendragarh News: स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एंबुलेंस सेवा में हुई कथित लापरवाही की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल जांच टीम पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना प्रदेश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस व्यवस्था की कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।




