
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने बिजली भुगतान व्यवस्था में बदलाव, बस्तर फाइटर्स नियमों में संशोधन, निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए प्रावधान, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने वाले विधेयकों तथा नवा रायपुर के भूखंडधारकों को राहत देने वाली वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना को मंजूरी दी।
बिजली भुगतान के लिए नई व्यवस्था
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान की सुरक्षा के लिए वर्तमान त्रिपक्षीय समझौते की जगह भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी। इससे एनटीपीसी सहित अन्य केंद्रीय विद्युत कंपनियों से बिजली आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित होगी।
बस्तर फाइटर्स के नियमों में संशोधन
बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) के भर्ती और सेवा शर्तों से जुड़े नियम, 2026 में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई।
निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए प्रावधान
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। संशोधन के तहत निजी विश्वविद्यालयों के लिए रक्षित निधि, बेहतर आधारभूत संरचना, पुस्तकालय और यूजीसी मानकों के अनुरूप सुविधाएं सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है।
वाणिज्यिक कर अधिकरण होगा समाप्त
छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी देते हुए राज्य सरकार ने वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने का फैसला किया है। इसके लंबित मामलों का स्थानांतरण राजस्व मंडल को किया जाएगा।
जीएसटी कानून में बदलाव
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना, रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना तथा करदाताओं को अधिक सुविधा प्रदान करना है।
निवेश और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी। सरकार का दावा है कि यह कानून राज्य में निवेश, उद्योग और रोजगार सृजन को नई गति देगा। इस तरह का विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा।
नवा रायपुर के भूखंडधारकों को राहत
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) की वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत पात्र आबंटियों को ब्याज और अधिभार में राहत मिलेगी और बकाया मामलों का नियमितीकरण हो सकेगा।
पर्यावरण कानून और किरायेदारी में बदलाव
कैबिनेट ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम, 2011 में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई, जिससे मकान किराये पर देने को बढ़ावा मिलेगा और किरायेदारी विवादों का त्वरित समाधान संभव होगा।
राजनांदगांव में बनेगा आधुनिक ऑडिटोरियम
मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि आबंटन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले एक नजर में
- बिजली भुगतान के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट व्यवस्था लागू होगी।
- बस्तर फाइटर्स नियमों में संशोधन।
- निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए मानक।
- वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त होगा।
- जीएसटी कानून में बदलाव।
- निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने वाले नए विधेयक।
- नवा रायपुर के भूखंडधारकों के लिए ओटीएस योजना।
- किरायेदारी कानून में संशोधन।
- राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता का आधुनिक ऑडिटोरियम बनेगा।




