CG Monsoon Satra 2026: अलदा जमीन आवंटन मामले पर विधानसभा से कांग्रेस का वॉकआउट, सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप
रायपुर। CG Monsoon Satra 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल ने कथित फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव के आधार पर उद्योग स्थापना का मामला उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि बालाजी स्पंज एंड आयरन लिमिटेड और अग्रसेन स्टील पावर प्राइवेट लिमिटेड को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और पूरे मामले में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
भूपेश बघेल ने सदन में सवाल किया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं, और यदि हुई है तो किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा की कार्यवाही और पंचायत के अभिलेखों की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की होती है, जबकि संबंधित कंपनियां भी इस पूरे मामले की लाभार्थी हैं। ऐसे में उनके खिलाफ अब तक नामजद एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई।
सरकार की ओर से जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और फिलहाल अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह सरपंच, सचिव, अधिकारी या कोई अन्य संबंधित व्यक्ति हो।
CG Monsoon Satra 2026: इस पर भूपेश बघेल ने सरकार से पूछा कि क्या संबंधित उद्योगों को किया गया आवंटन निरस्त किया जाएगा और लाभार्थी कंपनियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के एक वर्ष बाद एफआईआर दर्ज की गई और कांग्रेस के आंदोलन के बाद ही सरकार कार्रवाई करने को मजबूर हुई। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर मामले को टालने का आरोप लगाया। इसके विरोध में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर अपना विरोध दर्ज कराया। मामला सदन में काफी देर तक चर्चा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बना रहा।




