Kedar Kashyap On Congress: नकटी कार्रवाई पर मंत्री केदार कश्यप का पलटवार, कहा-‘अराजकता फैलाने का काम कांग्रेस कर रही’
रायपुर। Kedar Kashyap On Congress: रायपुर जिले के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच प्रदेश के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कांग्रेस पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। साथ ही स्पष्ट किया कि नकटी गांव की जमीन विधायक कॉलोनी के लिए नहीं, बल्कि हाउसिंग बोर्ड की योजना के लिए प्रस्तावित है।
प्रेस वार्ता में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नकटी मामले को लेकर जिस तरह की बातें सामने लाई जा रही हैं, वे वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला आज का नहीं, बल्कि वर्ष 2020 से जुड़ा हुआ है और इसकी प्रक्रिया पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही शुरू हुई थी।
मंत्री केदार कश्यप ने खारिज किया कांग्रेस का आरोप
उन्होंने बताया कि जमीन के आबंटन की प्रक्रिया कांग्रेस शासन के दौरान शुरू हुई थी और उसी समय अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी प्रारंभ की गई थी। बाद के वर्षों में अतिक्रमण और बढ़ा, लेकिन संबंधित भूमि आज भी राजस्व विभाग के अधीन है। मंत्री ने कांग्रेस के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें पूरे नकटी गांव को उजाड़ने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव के 17 वार्डों में से केवल एक वार्ड में हुए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई है। इसे पूरे गांव को विस्थापित करने की कार्रवाई बताना भ्रामक है।
न हो जरूरतमंद व्यक्ति के साथ अन्याय
केदार कश्यप ने आरोप लगाया कि, कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए स्थानीय लोगों को भड़काने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान सीरीखेड़ी में भी बड़ी संख्या में लोगों को हटाया गया था, लेकिन उस समय कांग्रेस ने इस तरह का विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार गरीबों, किसानों और ग्रामीणों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के साथ अन्याय न हो और सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जाएं।
Kedar Kashyap On Congress: मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि नकटी की जमीन हाउसिंग बोर्ड के लिए प्रस्तावित है, न कि किसी विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए। भूमि का अंतिम उपयोग किस उद्देश्य से किया जाएगा, इसका निर्णय हाउसिंग बोर्ड अपनी नियमानुसार प्रक्रिया के तहत करेगा। नकटी मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। एक ओर विपक्ष सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार इन आरोपों को निराधार बताते हुए कार्रवाई को कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है।




