RBI On Plastic Currency: RBI का बड़ा ऐलान, इस दिन तक आएंगे 10 और 20 रुपए के प्लास्टिक नोट
नई दिल्ली। RBI On Plastic Currency: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद देश की करेंसी व्यवस्था को लेकर बड़ा संकेत दिया है। केंद्रीय बैंक ने बताया है कि ₹10 और ₹20 के पॉलिमर यानी प्लास्टिक नोटों को वित्त वर्ष 2028 की शुरुआत तक बाजार में उतारने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल इन नोटों का परीक्षण चरण जारी है और सफल ट्रायल के बाद इन्हें आम लोगों के उपयोग के लिए जारी किया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट के बाद होगा अंतिम फैसला
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि पॉलिमर नोटों का पायलट प्रोग्राम चल रहा है। इस दौरान नोटों की गुणवत्ता, टिकाऊपन और व्यवहारिक उपयोग का आकलन किया जाएगा। परीक्षण सफल रहने पर इन्हें चरणबद्ध तरीके से प्रचलन में लाया जाएगा।
केंद्र सरकार से मिल चुकी है मंजूरी
कुछ समय पहले केंद्र सरकार ने ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दी थी। योजना के तहत दोनों मूल्यवर्ग के करीब 100-100 करोड़ नोट परीक्षण के लिए तैयार किए जाएंगे। ट्रायल के नतीजों के आधार पर आगे नियमित जारी करने का निर्णय लिया जाएगा।
क्या बंद हो जाएंगे मौजूदा कागजी नोट?
सरकार और RBI ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कागजी नोटों को बंद करने की कोई योजना नहीं है। नए पॉलिमर नोट आने के बाद भी वर्तमान में चल रहे कागजी नोट वैध रहेंगे और दोनों प्रकार की करेंसी साथ-साथ चलेंगी।
क्यों खास हैं पॉलिमर नोट?
प्लास्टिक नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले माने जाते हैं। इनमें नमी और गंदगी का असर कम होता है तथा इन्हें फाड़ना या खराब करना अपेक्षाकृत मुश्किल होता है। साथ ही इनकी उन्नत सुरक्षा विशेषताओं के कारण नकली नोट तैयार करना भी कठिन माना जाता है।
कई देशों में पहले से हो रहा इस्तेमाल
दुनिया के कई देशों में पॉलिमर करेंसी पहले से प्रचलन में है। ऑस्ट्रेलिया ने सबसे पहले वर्ष 1988 में प्लास्टिक नोट जारी किए थे। इसके बाद कनाडा, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन सहित 50 से अधिक देशों ने भी इस तकनीक को अपनाया है।
डिजिटल भुगतान पर भी रहेगी नजर
RBI On Plastic Currency: RBI का कहना है कि पॉलिमर नोटों के नियमित प्रचलन के बाद नकदी के उपयोग और डिजिटल भुगतान पर पड़ने वाले प्रभाव का भी अध्ययन किया जाएगा। फिलहाल प्राथमिकता सुरक्षित, टिकाऊ और बेहतर गुणवत्ता वाली करेंसी उपलब्ध कराने पर है।




