Smart Meter Controversy: स्मार्ट मीटर पर बवाल, 4,500 से ज्यादा शिकायतें दर्ज, जांच में जुटी पावर कंपनी
रायपुर। Smart Meter Controversy: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेशभर से 4,500 से अधिक उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के तेज चलने और अधिक बिजली बिल आने की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतों के बाद छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है।
कंपनी के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज कराई है, उनके 4,500 बिजली कनेक्शनों पर चेक मीटर लगाए गए हैं ताकि स्मार्ट मीटर की रीडिंग का मिलान किया जा सके। पावर कंपनी का दावा है कि अब तक की जांच में स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग में कोई अंतर नहीं पाया गया है।
पावर कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने कहा कि अब तक की जांच में स्मार्ट मीटर में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि सभी शिकायतों की अलग-अलग जांच की जा रही है और जहां भी शिकायत मिल रही है, वहां चेक मीटर लगाकर परीक्षण किया जा रहा है।
कंपनी के अनुसार, प्रदेश में अब तक करीब 41 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली बिल बढ़ने की शिकायत कर रहे हैं। इस बीच पावर कंपनी का कहना है कि बिजली की खपत उपभोक्ताओं के उपयोग के तरीके पर भी निर्भर करती है। उदाहरण के तौर पर, एयर कंडीशनर (AC) को 18 डिग्री सेल्सियस पर चलाने से बिजली की खपत 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, जिससे बिल अधिक आ सकता है।
Smart Meter Controversy: उधर, स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर कांग्रेस ने अपना विरोध तेज कर दिया है। पार्टी विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाकर उपभोक्ताओं से शिकायत संबंधी फॉर्म भरवा रही है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। फिलहाल स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं और बिजली कंपनी के दावों के बीच बहस जारी है। पावर कंपनी का कहना है कि प्रत्येक शिकायत की तकनीकी जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




