
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास में गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सत्ता और संगठन की महत्वपूर्ण समन्वय बैठक करीब पांच घंटे तक चली। बैठक समाप्त होने के बाद भी मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल को लेकर चल रही अटकलों पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी, हालांकि इस मुद्दे पर सस्पेंस बरकरार है।
बैठक में प्रदेश सरकार के सभी मंत्री, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, संगठन मंत्री पवन साय सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक बैठक में मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा, सरकार के ढाई साल के कार्यकाल का मूल्यांकन, सुशासन तिहार का फीडबैक, सरकार की उपलब्धियों के प्रभावी प्रचार-प्रसार और डबल इंजन सरकार की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
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बैठक में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, जनप्रतिनिधियों एवं संगठन पदाधिकारियों के साथ मंत्रियों के व्यवहार तथा विभिन्न जिलों में संगठन की ओर से मिले फीडबैक पर भी मंथन किया गया। कुछ मामलों में संगठन की नाराजगी के मुद्दे भी बैठक में उठने की जानकारी सामने आई है।
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भाजपा संगठन और सरकार के विभिन्न अभियानों की समीक्षा की गई। साथ ही नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर जिम्मेदारियां तय की गईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को लेकर इस तरह की बैठकें नियमित रूप से होती रहती हैं।
वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बैठक में संगठनात्मक विषयों, प्रभार वाले जिलों, प्रशासनिक समन्वय और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है और वही इस विषय पर जानकारी दे सकते हैं।
उधर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुस्कुराते हुए कहा, “जैसी अटकलें लगाई जा रही हैं, वैसा कुछ भी नहीं है।”
बैठक में हाल के चर्चित मामलों पर भी चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कोरिया में हुए चर्चित हत्याकांड की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
हालांकि बैठक खत्म होने के बाद सरकार की ओर से मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन देर रात तक चली इस मैराथन बैठक ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में सरकार और संगठन की रणनीति तथा संभावित प्रशासनिक फैसलों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।




