सदन में गूंजा अपशिष्ट पदार्थों का मुद्दा, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने ओपी चौधरी से पूछे ये सवाल
रायपुर। CG Budget Session: आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 15 वां दिन है। प्रश्नकाल के दौरान सदन में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से पूछा सवाल – प्रदेश में खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाली कुल कितनी औद्योगिक इकाईया प्रचलन में हैं? औद्योगिक इकाई का नाम, पता उसके अध्यक्ष/ प्रबंध निदेशक के विवरण सहित जानकारी दें?
इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य की रक्षा करते हुए सुरक्षित अपशिष्ट प्रबंधन करना, अपशिष्ट की रोकथाम करना पुनर्चक्रण, प्रसंस्करण करने की क्या व्यवस्था किन-किन प्रक्रियाओं के माध्यम की जा रही है? सम्पूर्ण विवरण ईकाईवार देवें? 2025-26 में प्रदेश के कितने हानिकारक प्रदूषण उत्सर्जन करने वाले उद्योगों में आनलाईन एमिशन मानीटरिंग सिस्टम की स्थापना की गई है? इसके लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई थी? कितनी व्यय हुई? कितनी शेष है?
नेता प्रतिपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि, प्रदेश में खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाली कुल 665 औद्योगिक इकाईया प्रचलन में है। 2024-2025 एवं 2025-2026 में प्रदेश के कुल 19 उद्योगों में ऑनलाइन एमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना की गई है। एमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना हेतु छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राशि स्वीकृत नहीं की गई है। उद्योगों को जारी जल, वायु सम्मति में ऑनलाइन एमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापना का शर्त निहित होता है।
उन्होंने कहा कि, उद्योगों द्वारा स्वयं के व्यय से चिमनियों में ऑनलाइन एमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना की जाती है।163 उद्योगों में गैस निकालते है जो खतरनाक है।124 में हमने अपने तरफ से देता एनिमेशन के लिए व्यासवथा की है। पर्यावरण बोर्ड के खर्चे से हमने अपडेट व्यवस्था की है। आगे और परीक्षण कराया जाएगा कि कौन कौन से उद्योग खतरनाक है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, जब सरकार ने शासकीय खर्च से व्यवस्था कराने की बात कही गई है, तो क्या कितनी राशी का प्रावधान रखा है।
CG Budget Session: नेता प्रतिपत्र के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, हमें बजट की आवश्यकता नही है ना ही सरकार के बजट की जरूरत है क्योंकि हम उद्योगों पर पेनाल्टी लगाते है उसी की राशी से हम काम कराते है जिसकी राशि पर्याप्त है। हजास्ट मैटल के लिए निरीक्षण दल रखे गए है जो समय समय पर मोनिटरिंग करके कार्रवाई करते रहते है।




