Jheeram Ghati Case: झीरम घाटी हमले पर अंतिम सुनवाई आज, मामले पर दीपक बैज ने सरकार से किए कई सवाल
रायपुर। Jheeram Ghati Case: छत्तीसगढ़ के चर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले में सुनवाई अब अंतिम चरण में पहुंच गई है और आज यानी 10 अगस्त को इस पर अंतिम बहस होगी। जगदलपुर के NIA कोर्ट में लंबे समय से बहस चल रही है। इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ केस चल रहा है। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है। अन्य सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में सुनवाई जारी है। अब तक 101 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज किए जा चुके हैं। गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर मामला अंतिम बहस के चरण तक पहुंचा है।
वहीं इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने मामले की सुनवाई और जांच को लेकर सरकार से कई सवाल किए हैं। उन्होंने कहा कि NIA कोर्ट में मामले की अंतिम सुनवाई के बीच शहीद परिवारों की नजर अब भी पूरी सच्चाई सामने आने पर टिकी हुई है। दीपक बैज ने कहा कि, झीरम घाटी की घटना में अपने परिवार के सदस्यों और करीबियों को खोने वाले लोग वर्षों से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच हो।
क्या सभी पहलुओं की जांच हुई? बैज ने उठाया सवाल
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि झीरम घाटी हमले की जांच के दौरान क्या घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू को पूरी तरह खंगाला गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल हमले के पीछे मौजूद नक्सली साजिश तक सीमित रहने के बजाय उन सभी संभावित पहलुओं की भी पड़ताल जरूरी है, जिनसे घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके। बैज ने कहा कि शहीद परिवार यह जानना चाहते हैं कि आखिर झीरम घाटी में इतना बड़ा हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे की पूरी सच्चाई क्या है।
सरेंडर नक्सलियों से पूछताछ पर भी सवाल
दीपक बैज ने जांच प्रक्रिया को लेकर यह सवाल भी उठाया कि क्या हमले के बाद या बाद के वर्षों में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से पर्याप्त पूछताछ की गई। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे लोगों के पास झीरम घाटी हमले से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी थी, तो जांच एजेंसियों को उससे जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने की कोशिश करनी चाहिए थी। हालांकि, बैज की ओर से उठाए गए इन सवालों और आरोपों पर संबंधित जांच एजेंसियों या सरकार की प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है।
तत्कालीन सरकार से जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी सवाल किया कि क्या तत्कालीन सरकार से जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका को जांच के दायरे में लाया गया। उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों को केवल आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि घटना की पूरी और विश्वसनीय जानकारी चाहिए। बैज ने जांच में पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि अगर किसी भी स्तर पर कोई तथ्य सामने आता है, तो उसकी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।
शहीद परिवारों को न्याय का इंतजार
झीरम घाटी हमले को छत्तीसगढ़ के सबसे गंभीर नक्सली हमलों में गिना जाता है। इस घटना में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत सुरक्षा बलों के जवानों और अन्य लोगों की जान गई थी। घटना के वर्षों बाद भी शहीद परिवारों की ओर से मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने और दोषियों तक पहुंचने की मांग उठती रही है।
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Jheeram Ghati Case: दीपक बैज ने कहा कि अब जब मामले की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण में है, तो शहीद परिवारों को उम्मीद है कि उन्हें घटना से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिलेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि झीरम घाटी मामले में जांच और सुनवाई से जुड़े तथ्यों को पारदर्शी तरीके से सामने रखा जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की दिशा में भरोसा कायम हो सके।




