
सूरजपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित महोरा एनीकेट में रविवार को हुई दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। आठ दोस्तों का समूह नहाने के लिए एनीकेट पहुंचा था, जहां दो नाबालिग—अविनाश देवांगन और एक अन्य बच्चा—पानी के तेज बहाव में फंसकर डूब गए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (DDRF) की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब 18 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार को अविनाश देवांगन का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे बच्चे की तलाश अब भी जारी है।
DDRF टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन तेज बहाव और कीचड़ भरी तलहटी के कारण रेस्क्यू कार्य में कठिनाई आ रही है। अधिकारियों ने बताया कि बाधाओं के बावजूद बचाव कार्य बिना रुके जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नहाते समय दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। बाकी बच्चों ने शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी, जिन्होंने तत्परता दिखाते हुए प्रशासन को जानकारी दी।
इस घटना से पीड़ित परिवारों में गहरा शोक है। गांव में मातम पसरा है और स्थानीय लोगों तथा जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक जल स्रोतों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा के ठोस उपाय किए जाएं।
सूरजपुर पुलिस ने कहा है कि घटना की विस्तृत जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है कि जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है। स्थानीय प्रशासन से अपील की जा रही है कि स्कूलों में बच्चों को जागरूक करने हेतु अभियान चलाए जाएं और ऐसे स्थानों पर जाने से रोका जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



