Teacher E-Attendance New Rules: सरकारी स्कूलों में ई-अटेंडेंस का नया नियम, अब गणित का सवाल हल करने के बाद ही लगेगी हाजिरी
भोपाल। Teacher E-Attendance New Rules: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने कुछ अहम बदलाव किए हैं। ई-अटेंडेंस सिस्टम पर एक साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों के लॉग-इन करने से आने वाली तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए अब शिक्षक ऐप में कैप्चा सिस्टम लागू किया गया है। साथ ही शिक्षकों को हाजिरी दर्ज कराने के लिए 15 मिनट की अतिरिक्त समय-सीमा भी दी जाएगी।
पहले हल करना होगा आसान गणित का सवाल
प्रदेश में करीब 3 लाख से अधिक नियमित और अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। बड़ी संख्या में शिक्षकों के एक ही समय पर ऐप इस्तेमाल करने से सर्वर पर दबाव बढ़ रहा था और कई बार सिस्टम धीमा या क्रैश हो जाता था। अब इस समस्या से निपटने के लिए ऐप में कैप्चा जोड़ा गया है। शिक्षक जब ऑनलाइन हाजिरी लगाएंगे, तो उन्हें स्क्रीन पर दिखाई देने वाले सामान्य जोड़-घटाव के सवाल का सही जवाब देना होगा। उत्तर सही होने के बाद ही ई-अटेंडेंस दर्ज हो सकेगी।
15 मिनट का ग्रेस पीरियड
नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी मिलेगा। सुबह की शिफ्ट में 10:30 बजे तक, जबकि दूसरी शिफ्ट में शाम 4:15 बजे तक उपस्थिति दर्ज कराने की सुविधा रहेगी। अगर किसी शिक्षक को उचित कारण से स्कूल पहुंचने में देरी होती है, तो वह इसकी जानकारी प्राचार्य को व्हाट्सऐप के माध्यम से दे सकता है। हालांकि, विभाग ने साफ किया है कि ग्रेस पीरियड का इस्तेमाल नियमित देरी के लिए नहीं किया जाना चाहिए। पिछले दिनों बड़ी संख्या में शिक्षकों के एक साथ लॉग-आउट करने के कारण भी सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ा था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करते हुए सर्वर क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं।
DPI आयुक्त ने खुद शुरू की ई-अटेंडेंस
Teacher E-Attendance New Rules: लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने भी ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर उदाहरण पेश किया है। उन्होंने स्वयं ई-अटेंडेंस दर्ज करना शुरू किया है। उनका कहना है कि जब तक वे इस पद पर रहेंगे, रोज इसी व्यवस्था के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। आयुक्त ने कहा कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति का सीधा संबंध स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता से है। शिक्षक यदि निर्धारित समय तक विद्यालय में मौजूद रहकर बच्चों को पढ़ाएंगे, तो इसका सकारात्मक असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा परिणामों पर भी देखने को मिल सकता है।




