Jheeram Ghati Case: 13 साल बाद झीरम घाटी नक्सली हमले की अंतिम सुनवाई पूरी, NIA कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
रायपुर। Jheeram Ghati Case: बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले में NIA की विशेष अदालत में चल रही सुनवाई का आज अहम चरण पूरा हो गया। मामले की अंतिम सुनवाई के तीसरे दिन अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी अंतिम दलीलें अदालत के समक्ष रखीं।सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों पर अपनी बात रखी। अभियोजन पक्ष की ओर से रिपीटेड दलीलें भी प्रस्तुत की गईं। इसके बाद विशेष न्यायाधीश ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस महत्वपूर्ण सुनवाई को देखते हुए दिल्ली से NIA के अधिकारी भी जगदलपुर पहुंचे थे। मामले की सुनवाई NIA की विशेष अदालत में लंबे समय से चल रही थी।
25 मई 2013 को हुआ था झीरम घाटी हमला
गौरतलब है कि 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र स्थित दरभा की झीरम घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर बड़ा हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। झीरम घाटी कांड छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नक्सली हमलों में गिना जाता है। घटना के बाद इसकी जांच और हमले की साजिश से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चली।
फैसले पर टिकी नजर
Jheeram Ghati Case: अब अंतिम सुनवाई पूरी होने और अदालत द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद सभी की नजर विशेष अदालत के आगामी निर्णय पर है। मामले में अदालत द्वारा साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर फैसला सुनाया जाएगा।




