Malaria In Ambikapur: जिले में मलेरिया का बढ़ता प्रकोप, मरीजों की संख्या पहुंची 39, ग्रामीणों में दहशत
अंबिकापुर। Malaria In Ambikapur: सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र के कई पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों में मलेरिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। क्षेत्र में अब तक 39 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। सभी संक्रमित मरीजों में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (PF) संक्रमण पाया गया है। मलेरिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों की जांच और स्क्रीनिंग कर रही हैं। विभाग का फोकस समय रहते संक्रमित मरीजों की पहचान कर उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराने पर है।
पहाड़ी इलाकों में मिले सबसे ज्यादा मरीज
जानकारी के मुताबिक, उदयपुर क्षेत्र के PGVT ग्राम मतरिंगा, खर्रानगर और मुसरडांड समेत कई पहाड़ी इलाकों में मलेरिया के मरीज मिले हैं। इसके अलावा मुकना पहाड़, बारो पहाड़, बकोई और सेमी घोघरा गांव भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दूरस्थ और आदिवासी आबादी निवास करती है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रही हैं।
पहाड़ी कोरवा और पण्डो जनजाति के लोग प्रभावित
बताया जा रहा है कि मलेरिया संक्रमण की चपेट में आने वाले अधिकांश मरीज पहाड़ी कोरवा और पण्डो जनजाति समुदाय से हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इन इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहता है। मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य अमला गांवों में पहुंचकर लोगों को मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी भी दे रहा है।
सभी 39 मरीजों में PF संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक सामने आए 39 संक्रमित मरीजों में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (PF) की पुष्टि हुई है। PF मलेरिया का एक गंभीर प्रकार हो सकता है, इसलिए संक्रमित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। पॉजिटिव पाए गए मरीजों को तत्काल आवश्यक उपचार दिया जा रहा है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
घर-घर पहुंचकर हो रही जांच
मलेरिया के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर सर्वे और स्क्रीनिंग कर रही हैं। संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए RDT किट का इस्तेमाल किया जा रहा है। जांच के दौरान पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों को मौके पर ही उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि संक्रमण को गंभीर होने से पहले नियंत्रित किया जा सके।
प्रभावित परिवारों को बांटी जा रही मच्छरदानी
मलेरिया से बचाव के लिए प्रभावित परिवारों को मच्छरदानी का वितरण भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी लोगों को मच्छरों से बचाव, साफ-सफाई और बीमारी के शुरुआती लक्षणों को लेकर जागरूक कर रहे हैं। विभाग की कोशिश है कि संक्रमित मरीजों की पहचान के साथ-साथ संक्रमण के नए मामलों को भी रोका जा सके।
स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम लगातार कर रही निगरानी
मलेरिया प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। CMHO पीएस मार्को, SDM रामराज सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा कर रही हैं। अधिकारियों की निगरानी में स्वास्थ्य अमला गांवों में स्क्रीनिंग, उपचार, दवा वितरण और बचाव संबंधी गतिविधियां संचालित कर रहा है।
ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील
Malaria In Ambikapur: स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने की अपील की है। बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, कमजोरी या अन्य संदिग्ध लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं और घर-घर स्क्रीनिंग के जरिए संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।





