शांति की पहल या नया मोड़? अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता आज, इस्लामाबाद पर टिकी दुनिया की नजर
इस्लामाबाद। Iran-US Peace Talks in Islamabad: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक अहम कूटनीतिक पहल के तहत अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता होने जा रही है। लंबे समय से दोनों देशों के बीच जारी तनाव, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर पैदा हुई खटास के बीच यह बातचीत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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चप्पे-चप्पे पर पहरा
बता दें कि, इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य आपसी मतभेदों को कम करना और मध्य-पूर्व में स्थिरता की दिशा में ठोस कदम उठाना है। दोनों पक्षों के प्रतिनिधि सुरक्षा, प्रतिबंधों और परमाणु समझौते से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। वहीं इस वार्ता के लिए ईरान, अमेरिका और पाकिस्तान के दिग्गज अधिकारी इस्लामाबाद पहुंचे हैं। कहा जा रहा है कि, ये वार्ता एक से दो-दिन तक चल सकती है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से इस्लामाबाद को छावनी में तब्दील किया गया है। रेड जोन की तरफ जाने वाली हर सड़क पर भारी-भरकम बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पहरा बिठा दिया गया है।
अमेरिका और ईरान से ये होंगे वार्ता में शामिल
वहीं इस शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस बैठक को होस्ट कर रहे हैं। उनके साथ पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की मौजूदगी भी होगी। शांति वार्ता के बीच ईरान और अमेरिका पाकिस्तान के बीच अपनी-अपनी शर्ते रखेंगें। मालूम हो की इस शांति वार्ता के लिए ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान और सेंट्रल बैंक के प्रमुख अब्दुल नासिर हम्मती इस्लामाबाद पहुंचे हैं तो वहीं अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल होंगे जो खुद इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, जारेड कुशनर और ब्रैड कूपर भी इस वार्ता में शामिल होंगे।
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Iran-US Peace Talks in Islamabad: विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है। वहीं, किसी भी तरह की विफलता से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। पूरी दुनिया की नजर इस अहम बैठक पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में मध्य-पूर्व की स्थिति को नई दिशा दे सकती है।




