KTU University: पत्रकारिता विश्वविद्यालय पहुंचे NHRC के विशेष पर्यवेक्षक, मानवाधिकार शिक्षा और पत्रकारों के हित में दिए अहम सुझाव
रायपुर। KTU University: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), नई दिल्ली के मानवाधिकार शिक्षा एवं लैंगिक समानता के विशेष पर्यवेक्षक प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTU), रायपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल से मुलाकात कर मानवाधिकार शिक्षा, पत्रकारों के हित, लैंगिक समानता और जनसंचार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक मजबूत आधार है और पत्रकारों को मानवाधिकार, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक न्याय तथा लैंगिक समानता के प्रति संवेदनशील और प्रतिबद्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।
विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित बैठक में उन्होंने प्राध्यापकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मानवाधिकार एवं पत्रकारिता पर नया पाठ्यक्रम शुरू करने, मानवाधिकार प्रकोष्ठ (Human Rights Cell) के गठन, विद्यार्थियों के लिए ह्यूमन राइट्स क्लब की स्थापना तथा जनसंचार एवं मानवाधिकार विषय पर द्विभाषी शोध पत्रिका प्रकाशित करने का सुझाव दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय को मानवाधिकार जागरूकता, शोध और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनाने की भी अनुशंसा की।

दौरे के दौरान प्रो. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, प्रशासनिक प्रभाग, पुस्तकालय, टेलीविजन स्टूडियो और सामुदायिक रेडियो स्टेशन ‘रेडियो संवाद 90.8 FM’ का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुस्तकालय के आधुनिकीकरण और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सामुदायिक रेडियो केंद्र में उन्होंने एक विशेष साक्षात्कार कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग भी की।
उन्होंने विश्वविद्यालय में लैंगिक समानता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और संवाद आयोजित करने की सिफारिश की। साथ ही विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए निःशुल्क चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने हेतु विशेषज्ञों का पैनल गठित करने का सुझाव भी दिया।

KTU University: विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने प्रो. त्रिपाठी के सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन प्रस्तावों को शासन के समक्ष रखा जाएगा और सकारात्मक पहल कर उन्हें लागू करने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरे को विश्वविद्यालय में मानवाधिकार आधारित शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में नई संभावनाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






