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Child Protection Committees: दिल्ली के सभी स्कूलों में बनेगी बाल संरक्षण समिति, दी जाएगी POCSO एक्ट के बारे में ट्रेनिंग, बच्चों की सुरक्षा के लिए व्यापक अभियान शुरू

नई दिल्ली। Child Protection Committees:  राजधानी दिल्ली में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि दिल्ली के 5,633 स्कूलों में बाल संरक्षण समिति (Child Protection Committee) का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे जुलाई माह में बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े विशेष कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

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विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण सुनिश्चित करना

बता दें कि, बैठक में शिक्षा विभाग, दिल्ली पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा संवेदनशील मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया। शिक्षा विभाग ने बताया कि, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR), दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) और पॉक्सो अधिनियम के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी स्कूलों में विस्तृत सुरक्षा चेकलिस्ट लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण सुनिश्चित करना है।

चलाया जा रहा विशेष सुरक्षा अभियान

इस पहल के तहत 1,077 दिल्ली सरकार के स्कूल, 198 सहायता प्राप्त विद्यालय, 2,612 एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली कैंट बोर्ड के स्कूल, तथा 1,746 निजी स्कूल शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा शिक्षकों, स्कूल स्टाफ और प्रशिक्षकों को पॉक्सो कानून और बाल सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। बैठक में दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी कि स्कूलों के अलावा पार्क, खेल परिसर, बाल भवन, अनाथालय और बाल देखभाल संस्थानों में भी विशेष सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। बच्चों से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (DCP) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि बाल सुरक्षा अभियान केवल जुलाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे संस्थागत व्यवस्था का स्थायी हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

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Child Protection Committees:  बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी स्कूलों में पॉक्सो मामलों के निपटारे के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की जाएगी। साथ ही अभिभावकों के प्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली पुलिस और विद्यालय प्रबंधन को शामिल करते हुए संयुक्त निरीक्षण दल गठित किए जाएंगे, जो नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।

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