Vidhan Sabha Monsoon Satra: छत्तीसगढ़ में खाद-बीज की कमी को लेकर विधानसभा में विपक्ष का हंगामा, सदन के गर्भगृह में पहुंचे कांग्रेसी विधायक, 34 विधायक निलंबित
रायपुर। Vidhan Sabha Monsoon Satra: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रदेश में खाद, बीज और बिजली संकट को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश कर तत्काल चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह (वेल) में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार व्यवधान के चलते कांग्रेस के 34 विधायक स्वतः निलंबित हो गए।
स्थगन प्रस्ताव पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों में डीएपी और अन्य उर्वरकों की कमी है, जबकि निजी व्यापारियों के पास पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। इससे किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में खंड वर्षा और बिजली कटौती के कारण खेती प्रभावित हो रही है। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा कि पर्याप्त बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों की बुआई पहले ही पिछड़ चुकी है। ऐसे समय में किसानों को खाद नहीं मिल रही और बिजली कटौती के कारण बोरवेल से सिंचाई भी प्रभावित हो रही है, जिससे किसान दोहरी मार झेल रहे हैं।
प्रदेश में डीएपी खाद की भारी कमी-चरणदास महंत
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन में कहा कि प्रदेश में डीएपी खाद की भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नैनो डीएपी, यूरिया और अन्य उर्वरकों की डंपिंग की जा रही है, जबकि किसान आवश्यक खाद के लिए परेशान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अग्रिस्टेक पोर्टल के कारण किसानों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की।
विपक्ष की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम से सरकार का पक्ष रखने को कहा। जवाब में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में उन्नत बीज और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि आवश्यकता की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत उर्वरक और 96 प्रतिशत प्रमाणित बीज उपलब्ध हैं। मंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण डीएपी की उपलब्धता करीब 56 प्रतिशत है, लेकिन इसके विकल्प के रूप में अन्य उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
कृषि मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्रिस्टेक पोर्टल केवल खेती के रकबे और उत्पादन संबंधी आंकड़ों के संकलन के लिए उपयोग किया जा रहा है और इससे किसानों को कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार डीएपी, एनपीके, यूरिया और पोटाश का अधिक भंडारण किया गया है।
कांग्रेस विधायकों ने की नारेबाजी
सरकार के जवाब के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य घोषित कर दिया। इस निर्णय से नाराज कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के गर्भगृह में पहुंच गए और “किसानों को धोखा देना बंद करो” के नारे लगाने लगे। लगातार हंगामे और कार्यवाही में व्यवधान को देखते हुए अध्यक्ष ने नियमों के तहत कार्रवाई की। परिणामस्वरूप, वेल में मौजूद कांग्रेस के 34 विधायक स्वतः निलंबित हो गए। इसके साथ ही सदन में कुछ समय के लिए गतिरोध की स्थिति बन गई।
वहीं शून्यकाल में किसानों से जुड़ी समस्याएं, खाद और उन्नत बीज की कमी को लेकर विपक्ष ने लाया स्थगन प्रस्ताव. स्थगन की सूचना देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा खाद के लिए किसान परेशान हो रहे हैं. खाद का कोटा भी कम किया गया है. बारिश भी कम हुई है जिससे बोनी भी पिछड़ी हुई है. किसान खाद के लिए भटकते रहे, खाद्य सोसायटी मे उपलब्ध नहीं था, लेकिन व्यापारियों के पास उपलब्ध है, किसानों को लुटा जा रहा, बिजली की कटौती की जा रही है।
खाद और बीज की कोई कमी नहीं- रामविचार नेताम
नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा कि,’डीएपी, पोटाश जैसे खाद नदारद है, किसान कृषि विभाग के कुप्रबन्धन का शिकार हो गए हैं। कई व्यापारियों ने खाद को खपाने के लिए जिसतरह दलाली शुरू कर दी है वो चिंता का विषय है। किसानों पर चौतरफा प्रहार है। इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि,’ खाद और बीज की कोई कमी नहीं है। खाद और बीज की पर्याप्त उप्लवधता सुनिश्चित कर ली गई है। प्रदेश में उर्वरक का लक्ष्य 15.55 लाख मैटिक टन के विरुद्ध लक्ष्य का 90 प्रतिशत लगभग 14 लाख मैट्रिक टन से ज्यादा उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लिया गया है। मांग के विरुद्ध 96 प्रतिशत बीजों का भंडारण कर लिया गया है। वैकल्पिक श्रोत जैसे एनपीके और सिंगल सुपर फास्फेट की भी उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. पिछली बार के मुकाबले इस बार 96 हजार मैट्रिक टन ज्यादा उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। खाद के 94 नमूने जहां से अमानक पाए गए उनपर कार्रवाई भी की है।
Vidhan Sabha Monsoon Satra: मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों तरफ से नारेबाजी की गई। जिसके बाद विपक्ष के विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंचे। गर्भगृह में पहुंचने से विपक्ष के विधायक स्वतः निलंबित हुए और निलंबन के बाद नारेबाजी करते हुए विपक्ष के विधायक सदन से बाहर निकले।
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