
हैदराबाद। देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक भारत सरकार की नवरत्न कंपनी एनएमडीसी वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान बस्तर संभाग के विकास पर 125 करोड़ रूपए खर्च करेगी। एनएमडीसी की नैगम सामाजिक दायित्व निधि हेतु छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाईपावर कमेटी के निर्णय़ के अनुसार बस्तर संभाग के छह जिलों में उक्त राशि को खर्च किया जाएगा।
संभाग के बस्तर, कोंडागाव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों से हाई पावर कमेटी के अनुमोदन से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर एनएमडीसी क्षेत्रीय विकास के लिए राशि जारी करेगी। एनएमडीसी ने अपने नैगम सामाजिक दायित्व(सीएसआर) के तहत वर्ष 2010-11 से वर्ष 2020-21 तक बस्तर के विकास के लिए छ्तीसगढ सरकार से मिले प्रस्तावों के आधार पर 959 करोड़ 16 लाख रूपए के विभिन्न कार्यों को मंजूरी दी है जिसमे 762 करोड़ 51 लाख रूपए खर्च किए जा चुके है जबकि 196 करोड़ 64 लाख रूपए के विभिन्न कार्य प्रगति पर है।
बस्तर संभाग में कोरोना से निपटने के लिए भी एनएमडीसी जिला प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रही है और संभाग के विभिन्न जिलों में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं उपचार के लिए जिलों को दवाईयां एवं अन्य आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था हेतु 29 करोड़ 58 लाख रूपए की राशि जारी की जा रही है।
एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सुमित देव ने कहा कि एनएमडीसी छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मिलकर बस्तर संभाग के विकास के लिए अपना योगदान देने के लिए कृतसंकल्पित है। श्री देव ने कहा कि स्थापना काल से ही एनएमडीसी बस्तर संभाग में शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल-आपूर्ति,पोषण, क्षमता निर्माण और आधारभूत संरचनाओं के निर्माण सहित स्थानीय निवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चाहे बस्तर का मेडिकल कॉलेज हो या फिर एजुकेशन सिटी समेत अन्य सभी बड़े निर्माण, एनएमडीसी बस्तर संभाग के विकास के लिए सदैव तत्पर रहा है और आगे भी स्थानीय निवासियों के विकास के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग से जरूरी कार्यों को किया जाएगा।
एनएमडीसी बस्तर संभाग में एजुकेशन सिटी दंतेवाड़ा, एजुकेशन सिटी बीजापुर, आकार भवन सुकमा, छू लो आसमान योजना, लक्ष्य योजना, शिक्षा सहयोग योजना, बालिका शिक्षा योजना, आस्था गुरूकुल, दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटी में बालक और बालिकाओं के लिए 1000 सीट के छात्रावास, दिव्यांग बच्चों के सक्षम स्कूल, पोलिटेक्निक कांलेज दंतेवाड़ा, आईटीआई भांसी, आईटीआई नगरनार और स्थानीय बालिकाओं को नर्सिंग प्रशिक्षण समेत अन्य कार्यों के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है।