Bhupesh Baghel: छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल को SC से बड़ा झटका, पाटन सीट की चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट में जारी रहेगा ट्रायल
भूपेश बघेल के निर्वाचन पर कानूनी लड़ाई जारी

नई दिल्ली/रायपुर। Bhupesh Baghel: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधानसभा सीट से विधायक भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज करने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही अब यह मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में ट्रायल के लिए आगे बढ़ेगा।
क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भूपेश बघेल ट्रायल के दौरान अपने सभी कानूनी तर्क, आपत्तियां और बचाव हाईकोर्ट के समक्ष रख सकते हैं। यानी सुप्रीम कोर्ट ने केवल ट्रायल जारी रखने की अनुमति दी है, निर्वाचन की वैधता पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। आरोप है कि मतदान से पहले के 48 घंटे के ‘मौन काल’ (Silence Period) के दौरान भूपेश बघेल ने रोड शो किया, जो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 और आदर्श आचार संहिता का कथित उल्लंघन माना गया है। इसी आधार पर उनके निर्वाचन को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की गई थी।
भूपेश बघेल की दलील
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने भूपेश बघेल की ओर से दलील दी कि धारा 126 का कथित उल्लंघन ‘भ्रष्ट आचरण’ (Corrupt Practice) की श्रेणी में नहीं आता। इसलिए केवल इस आधार पर किसी विधायक का चुनाव रद्द नहीं किया जा सकता और याचिका को शुरुआती स्तर पर ही खारिज किया जाना चाहिए।
अब आगे क्या होगा?
Bhupesh Baghel: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका पर नियमित ट्रायल होगा। दोनों पक्ष अपने-अपने साक्ष्य और कानूनी तर्क पेश करेंगे। इसके बाद हाईकोर्ट इस मामले में अंतिम निर्णय देगा।




