Bijapur News: खेती से पहले डीजल संकट पर किसानों का प्रदर्शन, विधायक के नेतृत्व में निकली ट्रैक्टर रैली, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
बीजापुर। Bijapur News: मानसून पूर्व खेती-किसानी की तैयारियों के बीच बीजापुर जिले में डीजल की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर किसानों का आक्रोश सामने आया है। सोमवार को बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने विशाल ट्रैक्टर रैली निकालकर सरकार से किसानों के लिए पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने की मांग की।
बता दें कि, रैली नैमेड स्थित नए बस स्टैंड से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों और विभिन्न पेट्रोल पंपों के सामने से निकली। इस दौरान किसान नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। बाद में रैली सभा और धरना प्रदर्शन में बदल गई, जहां किसानों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।
प्रदर्शन के बाद विधायक और किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराने, किसानों को ट्रैक्टरों के लिए पर्याप्त डीजल देने, जरूरत पड़ने पर ड्रमों में डीजल उपलब्ध कराने तथा कुटरू, गंगालूर, भैरमगढ़, आवापल्ली, बासागुड़ा और मद्देड क्षेत्रों में नए पेट्रोल पंप खोलने की मांग की गई। इसके साथ ही किसानों के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।
किसानों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त डीजल नहीं मिलने से खरीफ सीजन की जोताई और बुआई प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि ट्रैक्टर खरीदने के लिए बैंक से ऋण लिया जाता है, जिसकी अदायगी खेती से होने वाली आय पर निर्भर करती है। ऐसे में डीजल की कमी से खेती का काम ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि एक ओर डीजल की आपूर्ति पर्याप्त नहीं है, वहीं दूसरी ओर इसकी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं।
Bijapur News: सभा को संबोधित करते हुए विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि मानसून शुरू होने वाला है और किसान खेती की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन उन्हें डीजल के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से तत्काल डीजल संकट दूर करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो किसानों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल किसानों की मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंप दिया गया है। अब किसानों की नजर सरकार और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।



